भूना। मनरेगा योजना में अब श्रमिकों की हाजिरी ऑनलाइन ही लगेगी और इसी के आधार पर ही मजदूरी दी जाएगी। मेट, सरपंच और ग्राम सचिव को यह जिम्मेदारी दी गई है। बीडीपीओ अनिल कुमार ने मंगलवार को भूना ब्लॉक में ग्राम सचिवों और कर्मचारियों की बैठक में यह निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हाजिरी ऑनलाइन होने से भ्रष्टाचार रुकेगा। मजदूरों का रिकॉर्ड भी डिजिटल रहेगा। मजदूरी सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। बीडीपीओ अनिल कुमार ने कहा कि मजदूरों को काम पर भेजने से पहले उनकी ऑनलाइन हाजिरी जरूरी होगी। मस्टररोल में सही हाजिरी दर्ज होनी चाहिए। मेटों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्यों का रिकॉर्ड ऑनलाइन रखे। किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई तो विभागीय कार्रवाई होगी। मजदूरों को बिना हाजिरी के मजदूरी दी गई तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्राम सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे घर-घर जाकर जॉब कार्ड की जांच करे।
इस मौके पर एबीपीओ संदीप जांगड़ा, पुनीत पटवारी, जेई पवन कुमार, डीईओ विकास कुमार, सुरेंद्र जेई, हरदीप खिचड़, ग्राम सचिव राजेश, सुरेश, जगन, राजेश शर्मा और संदीप कुमार मौजूद रहे।
भूना खंड में दिए गए हैं 9 हजार जॉब कार्ड
एबीपीओ संदीप जांगड़ा ने बताया कि भूना खंड में करीब 9 हजार मजदूरों को जॉब कार्ड दिए गए हैं। वर्तमान में 14,500 मजदूर मनरेगा में काम कर रहे हैं। मजदूरों को मौके पर डिजिटल हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर निरीक्षण भी किया जा रहा है।