फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा ओपीडी ब्लॉक संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के नाम पर रुपये लेने के आरोपों का मामला बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय स्थानीय और अब हिसार की जांच से भी संतुष्ट नहीं हुआ है। जांच अब रोहतक की टीम करेगी।
पहले हुई जांच से असंतुष्ट होने के बाद विभाग ने दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत टीम अस्पताल में पिछले छह माह के दौरान सिजेरियन डिलीवरी कराने वाली 209 प्रसूताओं से फीडबैक लेगी। प्रसूताओं से यह भी पूछा जाएगा कि ऑपरेशन के लिए उनसे किसी तरह की रकम तो नहीं ली गई। अगर पैसे लिए है तो किसने क्या कहकर लिए हैं।
नागरिक अस्पताल में एक गर्भवती की डिलीवरी करवाने के दौरान आशा वर्कर, जीडीए (जनरल ड्यूटी असिस्टेंट) और एक विशेषज्ञ पर रुपये लेने के आरोप लग चुके हैं। शिकायत सामने आने के बाद हिसार से आई टीम ने मामले की जांच की थी। हालांकि, जांच से मुख्यालय भी संतुष्ट नहीं हुआ है। इसके बाद अब रोहतक की टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हालांकि इसमें हिसार की टीम भी दोबारा शामिल रहेगी। जांच के दौरान टीम प्रसुताओं से सीधे बातचीत कर यह जानकारी जुटाएगी कि डिलीवरी के दौरान उन्हें किसी तरह के भुगतान के लिए कहा गया था या नहीं। साथ ही ऑपरेशन से पहले और बाद में अस्पताल के कर्मचारियों की भूमिका के संबंध में भी फीडबैक लिया जाएगा।
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नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ.सुभाष का कहना है कि नागरिक अस्पताल प्रशासन से 6 माह में हुई सिजेरियन डिलिवरी का रिकॉर्ड मांगा गया है। अस्पताल की ओर से पिछले छह माह में हुई सिजेरियन डिलीवरी से संबंधित रिकॉर्ड टीम को सौंपा जाएगा।