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अब फतेहाबाद की धरती उपजेगी ड्रैगन फ्रूट, बाग लगाने पर मिलेगी सब्सिडी

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ड्रैगन फ्रूट की खेती का फाइल फोटो। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। फतेहाबाद की धरती अब ड्रैगन फ्रूट भी उपजेगी। बागवानी विभाग ने जिले के किसानों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित करना आरंभ कर दिया है। इसके लिए सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है। कैक्टस प्रजाति की यह फसल अगर जिले में होगी तो किसानों को तो अच्छा मुनाफा होगा ही, साथ ही जिले में बाहरी इलाकों से महंगे दामों में आना वाला यह फल, जिले के लोगों को भी सस्ते दामों में मिलेगा।
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अक्सर जब हम ड्रैगन की बात करते हैं तो हमारे दिलोदिमाग में चीन का नाम आता है, लेकिन इसी से मिलता जुलते फल का नाम आता है तो ड्रैगन फ्रूट की याद आ जाती है। फतेहाबाद की सरजमीं भी अब इस विदेशी फल को उपजाने के लिए तैयार है। अमूमन थाईलैंड व दक्षिण अमेरिका का यह फल और बाजार में महंगे दामों में मिलने वाला ड्रैगन फ्रूट फतेहाबाद की धरती पर भी उगेगा। इस फल के लिए उष्ण कटीबंधीय क्षेत्र की आवश्यकता होती है। यानि यह फल रेतीली और डोमट दोनों जगह पर उग जाता है। इस फल की कीमत बाजार में 500 से 700 रुपये प्रति किलोग्राम होती है और यह काफी सेहत मंद भी होता है। बागवानी विभाग अब इस फल की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने में लगा है। संवाद
मिलेगी सब्सिडी
ड्रैगन फ्रूट की खेती के बाद दो साल में यह फल देने लगता है। बागवानी विभाग किसानों को खेती के लिए 50 हजार रुपये की सब्सिडी देता है। इसके एक साल बाद इसे ढांचे को खड़ा करने के लिए 70 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है। बागवानी विभाग के अनुसार, यह फल एक बार लगा दिया जाए तो इसके बाद किसान मुनाफा ही कमाएंगे, क्योंकि इसके पौधे करीब 25 साल तक फल देते रहते हैं।
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जिले के इन गांवों के किसानों ने दिखाई रुचि
बागवानी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल ड्रैगन फ्रूट के लिए चार गांवों के किसानों ने अपनी रुचि दिखाई दी है। पारंपरिक खेती से इतर गांव बादलगढ़, अहलीसदर व नाढ़ोडी में एक-एक एकड़ तथा गांव अहरवां में चार एकड़ जमीन पर इसकी खेती आरंभ की गई है। आगे भी किसानों को इस ओर प्रेरित किया जाएगा। एक बार फल आने के बाद किसान प्रति एकड़ चार लाख रुपये तक कमा सकते हैं।
सेहत के लिए होता है लाभदायक
गुलाबी रंग का स्वादिष्ट फल ड्रैगन फ्रूट सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। सुबह नाश्ते में इसका उपयोग करने से भरपूर एनर्जी मिलती है। ड्रैगन फ्रूट का इस्तेमाल जैम, आइसक्रीम, जेली प्रोडक्शन, फ्रूट जूस, वाइन आदि बनाने में किया जाता है। इससे कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। प्रोटीन, मिनरल्स समेत पोषक तत्वों से भरपूर ड्रैगन फ्रूट की खेती नए कारोबार के रूप में देखी जा रही है।
इस प्रकार होती है खेती
ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए पांच लाइन में 20-20 खंभे खड़े करके उनमें चार-चार पौधे रोपे जाते हैं। एक पौधे से करीब 25 साल तक फल प्राप्त किया जा सकता है। औसतन एक एकड़ में किसान इसके 500 खंभों में दो हजार पौधे तैयार कर सकते हैं। इनके फूल साल में तीन से छह बार आते हैं। कैक्टस पौधों की तरह ड्रैगन फ्रुट के सटम भी अगर टूटकर जमीन पर गिरते हैं तो वह अपनी जड़ें मिट्टी में खोज लेती हैं। बारिश को छोड़कर आप किसी भी मौसम में इसके पौधे या बीज लगा सकते हैं। इसके लिए तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस अच्छा होता है। मार्च से जुलाई के बीच में इसके पौधे और बीज लगाने के लिए बेहतर समय होता है।
कोट
जिले में ड्रैगन फ्रुट की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को सब्सिडी भी दी जा रही है। पहली सब्सिडी बिजाई के समय और दूसरी सब्सिडी उसका आधार खड़ा करने के लिए एक साल बाद दी जाती है। किसान इसकी खेती करके अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं।
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-डॉ. रीतिका, जिला बागवानी विकास अधिकारी, फतेहाबाद
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