फतेहाबाद। बाढ़ के कारण प्रभावित फतेहाबाद शहर से लगती ढाणियाें में से पानी निकालने के लिए सिंचाई विभाग ने प्लानिंग शुरू कर दी है। हुडा सेक्टर के पास खाली पड़ी जगह में पंप सेटों के माध्यम से इस पानी को निकाला जाएगा। वहीं, दौलतपुर के पास किसानाें के बोरवेल खुलवा दिए गए हैं और खान मोहम्मद के पास से पानी निकालने के लिए दो पंप सेट लगाए गए हैं, जिससे पानी मुंशीवाली माइनर में छोड़ा गया है। पानी न निकलने को लेकर मंगलवार को ढाणियों के ग्रामीण रतिया बाईपास के नीचे एकत्रित हुए। यहां पर उनसे मिलने के लिए विधायक दुड़ाराम भी पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद के साथ लगती ढाणी बिकानेरी, झाड़ साहिब, ढाणी टाहलीवाली, दिल्ली वाली ढाणी, काताखेड़ी, ढाणी ठोबा, धिड़, ढाणी खान मोहम्मद के आसपास अभी भी तीन से चार फिट तक पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने पहले खान मोहम्मद के पास मुंशीवाली माइनर व इसके साथ ही एक स्थान पर दो किलोमीटर लंबा खाला खोदकर पानी निकालने का प्रयास किया। हालांकि पानी तो निकल रहा है, लेकिन उसका बहाव पहले जैसा नहीं रहा। बेहद धीमी गति से पानी निकल रहा है। जिस कारण इन ढाणियों में अभी भी बाढ़ का पानी जमा है और यहां के लोग काफी परेशान हैं।
लामबंद हुए ग्रामीण, बाेले- 20 से 25 पंपसेट लगाएं तब निकलेगा पानी
शनिवार को इन ढाणियों के ग्रामीणाें ने हांसपुर चौक बाईपास पर रोष प्रदर्शन किया था, जिस पर एसडीएम ने उनको आश्वासन दिया था कि पंप सेट के माध्यम से पानी की निकासी की जाएगी, लेकिन मात्र एक पंप सेट लगाने की वजह से पानी तीव्रगति से नहीं निकल रहा है। इसी के विरोध में सोमवार को एक बार फिर ग्रामीण रतिया बाईपास पुल के पास एकत्रित हो गए। ढाणी टाहलीवाली के सरपंच नवदीप संधू, किसान सुरेंद्र सैनी, समाजसेवी हरदीप सिंह, मुकेश भदरेचा ने बताया कि पानी को निकालने के लिए कम से कम 20 से 25 पंप सेट लगाए जाने चाहिए। बाढ़ ग्रस्त इन ढाणियों के निवासियों का कहना है कि बाढ़ का पानी कई दिनों से उनके खेतों व घरों के अंदर जमा है। ऐसे में जलजमाव के कारण अब उनके मकान गिरने लगे हैं। उनके मकानों में बड़ी बड़ी दरारें आने लगी है। वहीं बाढ़ के पानी के कारण इस क्षेत्र के लोग आई फ्लू बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मच्छरों का भयंकर प्रकोप है। आंदोलनरत ढाणीवासियों का कहना है कि प्रशासन ने उनसे चार मोटर लगाकर पानी निकासी का वायदा किया था लेकिन फिलहाल केवल एक ही मोटर कार्य कर रही है।
विधायक को दी बुजुर्गों से मदद लेने की सलाह
ग्रामीणों के विरोध के चलते विधायक दुड़ाराम भी उनके बीच में पहुंचे। जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने सलाह दी कि 1993 व 2010 में आई बाढ़ के बाद गांव के बुजुर्गों को पता है कि इस पानी को कहां से निकाला जा सकता है। प्रशासन उनकी मदद ले सकता है, ताकि पानी जल्द से जल्द निकाला जा सके। वहीं विधायक के सामने ही द ऑलिव स्कूल के मालिक टीडी मेहता ने कहा कि पानी न निकलने के कारण उनके स्कूल के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। इस पानी को जल्द से जल्द निकाला जाए। विधायक ने इसी दौरान अधिकारियों से बातचीत करके जलनिकासी के पुख्ता प्रबंध करने के आदेश दिए।
भूना मोड़ पर लगाया एक पंपसेट
प्रशासन ने इस दौरान हुडा सेक्टर की खाली जगह पर पानी निकालने के लिए भूना मोड़ पर एक पंप सेट लगा दिया है। इस पंप सेट के माध्यम से हुडा सेक्टर की करीब तीन एकड़ जगह पर पानी निकाला जाएगा, क्योंकि यह क्षेत्र काफी गहरा है। वहीं, खान मोहम्मद के पास दो पंप लगाए गए हैं, जिससे पानी मुंशीवाली माइनर में डाला जा रहा है। यहां पर तीन और पंप लगाए जाएंगे, ताकि पानी जल्दी निकाला जा सके। इसके अलावा सिंचाई विभाग ने गांव दौलतपुर में किसानों के बोरवेल खुलवा दिए हैं और इसके माध्यम से भी पानी तेजी से निकल रहा है।
रतिया मार्ग के दो दिन में खुलने की आस
सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह ने विधायक दुड़ाराम के समक्ष फतेहाबाद-रतिया रोड पर आवागमन शुरू करवाए जाने की मांग रखी। इस पर विधायक ने आश्वस्त किया कि अगले दो दिन में इस मार्ग को आवागमन के लिए शुरू करवा दिया जाएगा। गौरतलब है कि बाढ़ के दौरान जिला प्रशासन ने जल प्रवाह शहर की बजाय खेतों में करने के लिए फतेहाबाद-रतिया रोड की सड़क को पांच जगह से खोद कर नाले में तबदील कर दिया था।
कोट
पानी निकालने के लिए दो पंप खान मोहम्मद में लगा दिए गए हैं और तीन पंप और लगा रहे हैं। खान मोहम्मद से पंप से पानी लिफ्ट कर मुंशीवाला माइनर में डाला जा रहा है। इसी तरह भूना मोड़ और सेक्टर के बीच तीन एकड़ जगह खाली पड़ी है। पंप सेट के माध्यम से इस जमीन में पानी लिफ्ट कर डालना शुरू कर दिया गया है। दौलतपुर में कई ट्यूबवेल के बोर खुलवाए गए हैं, जिसमें पानी बोर के माध्यम से बड़ी स्पीड से वापस जा रहा है। प्रभावित किसानों को भी यह प्रयोग करना चाहिए, इससे वाटर लेवल भी ठीक हो जाएगा।
-ओपी बिश्नोई, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग