फतेहाबाद। बाढ़ की इस आपदा ने बच्चों की पढ़ाई पर भी असर डाला है। रतिया रोड व भूना रोड के साथ लगते गांवों के बच्चे अपने स्कूलों में नहीं जा पा रहे हैं। करीब 12 दिनाें से यह बच्चे अपने घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। बड़ा कारण है कि यहां पर जमा बाढ़ का पानी और जो सड़कें टूट चुकी हैं, उनकी मरम्मत न होना। बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि अगर लोक निर्माण टूटी सड़कों पर आरसीसी पाइपें भी लगा देता तो स्कूल वैन उनके गांवों में आ सकती थी और बच्चों की पढ़ाई बाधित न होती।
फतेहाबाद शहर के आसपास के गांव अभी भी बाढ़ के पानी से भरे हुए हैं, ऐसे में इन गांवों से फतेहाबाद के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे घर में ही बंधकर रह गए हैं। स्कूल वैन इन गांवों में नहीं पहुंच पा रही है और बच्चों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है। मुख्य कारण यह है कि इन गांवों में जहां पानी भरा हुआ है, वहीं पानी निकालने के लिए सड़कों को भी तोड़ा गया है, जिस कारण स्कूल वैनों का जाना यहां पर मुनासिब नहीं है। फतेहाबाद से सटे गांव मल्हड़, कारियां, मुसेअली, नुरकीअली, ढाणी ईस्सर, बनावाली सोतर, ढाणी ढाका, ढाणी छतरियां, बोसवाल, रजाबाद, धिड़, खुंबर, ढाणी ज्वाला सिंह सहित आसपास की ढाणियों के करीब 300 बच्चे फतेहाबाद के विभिन्न निजी स्कूलों में पढ़ने के लिए आते हैं। यह बच्चे पिछले 12 दिनों से अपने घरों में ही बैठे हैं। हालांकि 26 जुलाई से प्रशासन ने शहर के स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी थी, लेकिन इन गांवों व ढाणियों के बच्चे निजी स्कूलों में नहीं पहुंच पा रहे हैं।
स्कूल संचालकों ने किया ऑनलाइन पढ़ाई का प्रबंध
स्कूली बच्चाें के फतेहाबाद न आ पाने के कारण बच्चों के लिए स्कूल संचालकों ने ऑनलाइन पढ़ाई का प्रबंध किया है, लेकिन यह नाकाफी है। अभिभावकों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई और स्कूल में कक्षा लगाने में दिन रात का अंतर है। बच्चों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है।
लोक निर्माण विभाग पर मढा दोष
गांव ढाणी ईस्सर के अभिभावक धर्मपाल, विकास खिचड़, बिजेंद्र खिचड़, मल्हड़ के हरिओम, ढाणी ढाका के सोमपाल ढाका ने बताया कि बाढ़ की आपदा के बीच सड़कें तोड़ी गई हैं। अगर लोक निर्माण विभाग इन सड़कों पर आरसीसी पाइप लाइन बिछा देता तो पानी भी निकल जाता और वाहनों का आवागमन भी हो जाता, लेकिन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिस कारण उनके बच्चाें की पढ़ाई बाधित हो रही है। उनके बच्चे फतेहाबाद के निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, लेकिन स्कूल वैन न आने के कारण वह अपने स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
कोट
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चाें के लिए स्कूल वैन नहीं भेजी जा सकती। हालांकि उनको ऑनलाइन होमवर्क भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सड़कें खुल जाएंगी और बच्चे स्कूल आ पाएंगे।
-निशांत निर्माेही, डायरेक्टर पॉयनियर स्कूल, फतेहाबाद।