फतेहाबाद। जिले में गली-मोहल्लों और अन्य स्थानों पर बिना सरकारी रिकॉर्ड के चल रहे निजी कोचिंग सेंटरों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने जिले के सभी कोचिंग सेंटरों का रिकॉर्ड जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इनके पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
विभाग के निर्देश के बाद जिला स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। राजकीय महाविद्यालय जिला मुख्यालय के प्राचार्य डॉ. रविंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। टीम जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की जानकारी जुटाएगी।
सेंटर संचालकों को अपने संस्थान का रिकॉर्ड डाइट मताना के भवन में चल रहे राजकीय महाविद्यालय जिला मुख्यालय में जमा करवाना होगा। इसमें सेंटर का पता, विद्यार्थियों की संख्या, मैनेजर का नाम और मोबाइल नंबर तथा स्टाफ का रिकॉर्ड देना होगा। विभाग इन सेंटरों का पंजीकरण करेगा। नियमों के तहत पंजीकरण के बाद ही संचालन की अनुमति होगी।
गलियों में चल रहे कई सेंटर : जिले में बड़ी संख्या में ऐसे कोचिंग सेंटर हैं, जिनका सरकारी स्तर पर कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। कई सेंटर गली-मोहल्लों में छोटे स्तर पर चल रहे हैं। अब इनकी संख्या और गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। हरियाणा प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स रूल्स, 2026 लागू किए गए हैं। इनके तहत हर निजी कोचिंग संस्थान का पंजीकरण अनिवार्य होगा। संचालकों को पंजीकरण के लिए 10 हजार रुपये तक फीस देनी होगी।