संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जच्चा-बच्चा मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जांच शिविरों की संख्या में वृद्धि की है। अब तक जहां हर माह 9, 10 और 23 तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए कैंप लगाए जाते थे, वहीं अब महीने के अंतिम दिन (30 या 31) को भी अतिरिक्त शिविर लगाया जाएगा।
इस निर्णय का उद्देश्य हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों की समय रहते पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना है। जिले में विभाग की तरफ से आठ अस्पतालों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इसमें नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, टोहाना, रतिया, सीएचसी भट्टूकलां, भूथनकलां, बड़ोपल, जाखल, भूना शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से निर्देश है कि शिविर के दौरान 6 काउंटर लगाकर चेकअप किया जाए। जिसमें पंजीकरण, रक्त और मूत्र सैंपल, बीपी, शुगर जांच, महिला रोग विशेषज्ञ, दवा काउंटर, काउंसिलिंग काउंटर शामिल हैं। शनिवार को अस्पताल में लगाए गए शिविर में औपचारिकता नजर आई। वजह ये है कि जगह के अभाव में पार्किंग शेड के नीचे शिविर लगाया गया। शिविर में गर्भवती को छोले और गुड़ की डाइट दी गई।
जिला अस्पताल से ही रेफर हो रही है गर्भवती
जिला नागरिक अस्पताल में दो महिला रोग विशेषज्ञ हैं। इसके अलावा निजी अस्पताल की चार महिला चिकित्सक पैनल पर ली गई हैं, बावजूद इसके गर्भवती अग्रोहा मेडिकल रेफर हो रही हैं। पिछले वित्त वर्ष की बात की जाए तो यहां पर डिलीवरी के लिए 3911 गर्भवती आई हैं। यहां पर 2427 गर्भवती की नार्मल डिलीवरी हुई हैं। इसके अलावा 953 सिजेरियन डिलीवरी हुई। यहां से 531 गर्भवती रेफर की गई हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत माह के आखिरी दिन शिविर लगाया जाना है। इस शिविर में गर्भवती की जांच और फॉलोअप लिया जाएगा।
- डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।