फतेहाबाद। शहर में डोर टू डोर कचरे का उठान को लेकर राहत भरी खबर है। अब हर साल कचरे के उठान को लेकर ठेका खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी। नगर परिषद प्रशासन अब सीधा सात साल के लिए कंपनी को ही ठेका देने जा रहा है।
प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शहर के 25 हजार घरों से कंपनी सात साल तक कचरा उठान करेगी। एजेंसी उठान करके उसमें गीला-सूखे कचरे को अलग-अलग करेगी और इसके साथ ही डंपिंग साइट पर पहुंचाएगी। निस्तारण का काम इस एजेंसी का नही होगा। नगर परिषद ने शुक्रवार को टेंडर जारी कर दिया है।
नगर परिषद का ये प्रोजेक्ट करीब 17 करोड़ 57 लाख रुपये का है। एजेंसी को नगर परिषद टन के हिसाब से भुगतान नहीं करेगा। बल्कि यूनिट यानि घरों के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। एजेंसी को बताना होगा कि वह कॉमर्शियल व रिहायशी क्षेत्र से इतने रुपये में उठान करेगा। फिलहाल एजेंसी द्वारा 1860 रुपये प्रति टन के हिसाब से उठान किया जा रहा है। शहर से रोजाना 35 से 40 टन कचरे का उठान हो रहा है।
- एजेंसी को रखने होंगे 35 वाहन
शहर में घर-घर से कचरे के उठान को लेकर एजेंसी को 35 वाहन रखने होंगे। इसमें 25 टाटा एस गाडियां, पांच ई रिक्शा, चार ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी शामिल रहेगी। इन वाहनों के मुताबिक ही कर्मचारी व हेल्पर रखने होंगे।
- आठ माह से पुराने ठेके को बढ़ा रहा है नगर परिषद
नगर परिषद ने वर्ष 2023 के मई माह में पहली बार डोर टू डोर कचरा उठान को लेकर डिंग पावर मैन को ठेका दिया था। ठेका पिछले साल मई माह में खत्म हो गया। लेकिन इसके बाद आचार संहिता लगने और नगर निकाय की नई पॉलिसी आने के चलते टेंडर नहीं हुआ और 31 दिसंबर तक पुराने ठेके को ही बढ़ाया गया। एक जनवरी को फिर ठेका बढ़ाने के लिए प्रस्ताव निदेशालय में भेजा गया।
- ये है शहर की रिहायशी प्रॉपर्टी
100 स्कवेयर मीटर तक प्लॉट - 9033
200 से 200 स्कवेयर मीटर तक प्लॉट - 7509
200 से 400 स्कवेयर मीटर तक प्लॉट - 1620
400 स्कवेयर मीटर से ज्यादा प्लॉट - 832
- कॉमर्शियल
दुकानें व ढाबा - 4136
200 स्कवेयर मीटर से ज्यादा कॉमर्शियल क्षेत्र - 1770
50 बेड अस्पताल - 130
50 बेड से 100 बेड अस्पताल - 5
100 बेड से ज्यादा - 1
सिनेमा - 1
फैक्ट्री- 173
बैंक, गेस्ट हाउस, होटल - 210
एजुकेशन इंस्टीट्यूट - 238
धर्मशाला - 45
- कचरा उठान की हर गाड़ी पर लगाना होगा जीपीएस
एजेंसी को कचरा उठान की प्रत्येक गाड़ी पर जीपीएस लगाना होगा। अधिकारी इसको लेकर मॉनिटरिंग भी करेंगे। इसके अलावा रेंडम क्यू कोड भी लगाने होंगे। इसके पीछे मकसद ये रहेगा कि 100 फीसदी कचरे का उठान किया जाए।
- लापरवाही मिलने पर होगा जुर्माना
कचरे के उठान के दौरान लापरवाही बरतने पर जुर्माना का प्रावधान भी रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक 90 फीसदी उठान तक कोई जुर्माना नहीं होगा। इसके बाद 5 से 50 फीसदी तक जुर्माना बिल पर लगेगा।
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डोर टू डोर कचरा उठान को लेकर टेंडर लगा दिया गया है। सात साल के लिए पहली बार टेंडर लगा है। भविष्य में कचरा उठान को लेकर बार-बार टेंडर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लोगों को भी फायदा होगा।
- कुमार सौरभ, सिटी इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन