टोहाना। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए दो महीने में शहर के 24,254 घरों में कूलर, गमले, टायर और फ्रिज की जांच की। इस दौरान 176 लोगों के घर में लारवा मिलने पर नोटिस जारी किया गया है। इस दौरान 27 लोग बुखार से पीड़ित मिले हैं, जिनकी स्लाइड बनाकर भेजे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट नकारात्मक रही है।
विभाग के एसएमओ डाॅ. कुणाल वर्मा के निर्देशानुसार गठित टीम ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता विकास कुमार के नेतृत्व में कई घरों में जाकर जांच कर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मलेरिया में सर्दी और कंपन के साथ तेज बुखार आना, सिर और शरीर में दर्द होना, बुखार उतरते समय पसीना आना इसके लक्षण हैं।
उन्होंने कहा कि मलेरिया से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। गड्ढों को मिट्टी से भर दें। सप्ताह में एक बार कूलर, पशु, पक्षियों के पानी के बर्तनों, टंकी, फ्रिज को सुखाकर ही पानी भरें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। प्रत्येक रविवार को सूखा दिवस जरूर बनाएं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 22,394 गमलों में तलाशा लारवा
इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 22,394 गमलों में से 12 में लारवा मिला। 15,172 फ्रिज ट्रे में से 75, 13,906 में से 36 टैंक, 13,094 में से 49 कूलरों, घरों की 2,518 छत में दो जगह, 625 हौदी में से छह जगह लारवा मिला है।
स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 24,254 घरों में रैपिड फीवर सर्वे किया। इस दौरान 27 लोग बुखार पीड़ित मिले। उनकी स्लाइड बनाई गई है। इनमें से मलेरिया, डेंगू का संक्रमित केस कोई नहीं मिला। दो महीने में 176 घरों में मिले लारवा को नष्ट कर संबंधित गृहस्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। - डाॅ. कुणाल वर्मा, एसएमओ, टोहाना।