सरकार द्वारा वन रैंक पेंशन लागू कर पूर्व सैनिकों को राहत दी है। इसका विरोध कुछ लोग अपने फायदे के लिए भूतपूर्व सैनिकों को गुमराह कर रहे हैं। यह बात भूतपूर्व सूबेदार रामचंद्र बिश्नोई ने टोहाना में पत्रकारों से बात करते हुए कही। भूतपूर्व सैनिकों की एक विशेष बैठक गांव पारता में हुई।
बैठक की अध्यक्षता भूतपूर्व सूबेदार रामचंद्र बिश्नोई ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक ओर अंबाला में वन रैंक, वन पेंशन के विरोध में रैली हुई, वहीं गांव पारता में भूतपूर्व सैनिकों की बैठक में वन रैंक, वन पेंशन के समर्थन का फैसला लिया गया। बैठक में भूतपूर्व सूबेदार रामचंद्र बिश्नोई ने वन रैंक, वन पेंशन के विरोध की आड़ में मैडल जलाने लौटाने वालों को आडे़ हाथों लेते हुए कहा कि ये विरोध करने वाले पिछले कई सालों से कहां थे।
आज केंद्र सरकार ने पहल करते हुए सेना की दशकों पुरानी समस्या को हल करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, तथा किसी भी कमी को दूर करने के लिये समिति का भी गठन किया है। सरकार के इस फैसले का स्वागत करना चाहिए। इसी दौरान भूतपूर्व वारंट ऑफिसर ओमप्रकाश सिहाग ने कहा कि पूर्व सैनिकों को सरकार का विरोध करने की जगह सरकार का धन्यवाद करना चाहिये, मैडल जलाना सैनिक के गौरव का अपमान है।
उन्होंने कहा कि अभी तक तो इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक रोटियां ही सेंकी जाती रही है, पहली बार सरकार ने सार्थक निर्णय लिया है, सेना के मुद्दे पर राजनीति करने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक बनवारी लाल, सुखपाल, अमरजीत भी मौजूद थे