फतेहाबाद। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति की ओर से चेतावनी दिए जाने के बावजूद प्रशासन किसानों को पराली प्रबंधन के पर्याप्त कृषि यंत्र नहीं दे पा रहा है। संघर्ष समिति शुक्रवार को किसानों के विभिन्न मुद्दों और पराली प्रबंधन के मामले को लेकर मुख्यमंंत्री मनोहर लाल के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ बैठक करेगी। बैठक में भाग लेने के लिए संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार सुबह चंडीगढ़ रवाना होगा।वहीं, दूसरी तरफ जिले में पराली जलाने का सिलसिला लगातार जारी है। वीरवार को दस स्थानों पर फायर लोकेशन आई हैं। अब तक जिले में पराली जलाने के 138 मामले आ चुके हैं। कृषि विभाग की टीमों ने अब तक जिले के 94 किसानों पर 237500 रुपये जुर्माना लगाया है। फायर लोकेशन मिलते ही कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पंचायत विभाग की संयुक्त टीम निरीक्षण के लिए पहुंचती है। इसके बाद एकड़ के अनुसार किसान पर जुर्माना राशि लगाई जाती है।
वीरवार को 10 स्थानों पर जलाई गई पराली
जिले में वीरवार को आई पराली जलाने की लोकेशन भूना व टोहाना क्षेत्र के गांवों की मिली। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसवार गांव जमालपुर शेखां में दो जगह पर पराली जलाई गई। इसके अलावा भूना, जांडली कलां, मुंदलिया, नहला, समैन, टोहाना, अलीकां, लहरियां में एक-एक स्थान पर पराली जलाने की लोकेशन मिली है। भूना क्षेत्र के गांव में खुद एसडीएम राजेश कुमार आग लगने की सूचना पाकर अग्निशमन केंद्र की गाड़ी बुलाकर मौके पर पहुंचे। खेत में लगी आग को बुझवाया गया।
एसडीएम ने ग्रामीणों के साथ बैठक में किया प्रोत्साहित
फतेहाबाद के एसडीएम राजेश कुमार ने पराली प्रबंधन के लिए कृषि विभाग, राजस्व विभाग तथा पंचायत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ गांव शहीदांवाली, दरियापुर, करनौली व अहलीसदर का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें पराली प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित किया। एसडीएम ने बताया कि किसान पराली व फसल अवशेषों का सही और वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। टीम ने इन गांवों में किसानों, सरपंचों तथा नंबरदारों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूक किया। इस दौरान उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. भीम सिंह कुलडिया, विषय विशेषज्ञ डॉ. सुभाष लोहान, खंड कृषि अधिकारी डॉ. जय कुमार, कृषि सुपरवाइजर नवीन, राज कुमार, कोमल भी उपस्थित रहे।
कोट
हमारी संघर्ष समिति की शुक्रवार को किसानों के विभिन्न मुद्दों और पराली प्रबंधन के मामले को लेकर मुख्यमंंत्री मनोहर लाल के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ बैठक होगी। उसमें विस्तृत चर्चा करेंगे। प्रशासन से पर्याप्त मात्रा में कृषि यंत्र मांगे गए थे, लेकिन उस पर कोई काम नहीं हुआ। यंत्र नहीं मिलेंगे, तो किसान पराली जलाने को मजबूर होंगे।
मनदीप नथवान, राज्य प्रधान, पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति
कोट
गांवों में किसानों, सरपंचों तथा नंबरदारों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जागरूक किया गया है। किसानों, सरपंचों तथा नंबदारों ने आश्वासन दिया कि वे गांवों में पराली के अवशेष का उचित प्रबंधन करते हुए पराली नहीं जलाएंगे। आधुनिक कृषि यंत्रों के बारे में भी जानकारी दी गई है।
राजेश कुमार, एसडीएम, फतेहाबाद