फतेहाबाद के पुराना बस स्टैंड के बाहर बस का इंतजार करते यात्री।
फतेहाबाद। करीब ढाई साल पहले शहर का नया बस स्टैंड करीब छह किलोमीटर दूर शिफ्ट कर दिया। इस कारण दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर, हिसार, सिरसा, रोहतक, अंबाला आदि जैसे लंबे रूट पर जाने वाली सवारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं यात्रियों को पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड ले जाने के लिए रोडवेज की ओर से कोई भी स्पेशल या लोकल बस नहीं चलाई गई है।
कई बार इसको लेकर स्कूलों व काॅलेजों में जाने वाले विद्यार्थियों व सामाजिक संगठनों के लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन भी सौंप रखे हैं। इसके आधार पर प्रशासन ने हल निकालते हुए कुछ बसों को पुराना बस स्टैंड से होकर जाने के निर्देश जारी किए। रोडवेज विभाग की ओर से शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक सभी बसों को शहर के पुराना बस स्टैंड से होकर गुजरने के आदेश हैं। मगर इस बीच दिन के समय यात्रियों के लिए कोई भी स्पेशल बस पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक जाने के लिए नहीं है।
वहीं रोडवेज अधिकारियों की मानें तो गांव में जाने वाली बसें जब अपना रूट खत्म करती हैं तब वह पुराना बस स्टैंड आती हैं। जो भी सवारी पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड जाना चाहती है, उसे लेकर ही नए बस स्टैंड जाती हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हर 15 मिनट के बाद पुराना बस स्टैंड से कोई न कोई बस रूट खत्म करके नए बस स्टैंड में जाती है। लेकिन धरातल पर वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। सवारियों को तो नए बस स्टैंड जाने के लिए ऑटो या ई-रिक्शा से ही जाना पड़ रहा है। इस दौरान ऑटो व ई-रिक्शा चालक यात्रियों से मनमर्जी के रेट वसूलते हैं।
ऑटो चालक लेते हैं चार गुना किराया
शहर के पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड जाने के लिए ऑटो व ई-रिक्शा चालक यात्रियों से बस किराया से चार गुना किराया वसूल रहे हैं। लोकल बसें न चलने के कारण लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड जाने के लिए रोडवेज बस में मात्र पांच रुपये किराया लगता है, लेकिन ऑटो व ई-रिक्शा चालक यात्रियों से 20 रुपये वसूल रहे हैं।
कई बार रोडवेज विभाग को यात्रियों की सुविधा के लिए पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक बस चलाने के लिए बोला गया है, लेकिन विभाग के पास बसें ही नहीं है। वहीं सरकार की ओर से स्कूल व कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए पिंक बसें दी गई है, लेकिन विभाग उनको ग्रामीण रूटों पर चला रहा है। इस कारण छात्राओं को आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- हरदीप सिंह, अध्यक्ष, जिंदगी संस्था।
हमारी काफी बसें पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक आती हैं। अगर यात्रियों की स्पेशल बस चलाने के लिए मांग आएगी, तो उसके अनुसार बस चला दी जाएगी। यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो उसको लेकर रोडवेज प्रयासरत है।
- सुभाष ढांड, संस्थान प्रबंधक, फतेहाबाद।