जाखल जंक्शन पर पर वाया अंबाला वैष्णो देवी जाने वाली ट्रेन
जाखल। हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर शंभू रेलवे स्टेशन के पास किसानों की ओर से अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर रेल यातायात प्रभावित चल रहा है। जाखल रेलवे स्टेशन अधीक्षक सीआर दहिया ने बताया कि 1 मई तक रद्द गाड़ियों के बहाल होने के फिलहाल कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। बाकी स्थितियां आंदोलन के ऊपर निर्भर करती हैं।
आंदोलन के चलते जहां दिल्ली-अमृतसर वाया अंबाला 75 मेल व पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा या उनका रूट बदल दिया गया है, वहीं रेलवे प्रशासन को हिसार लुधियाना वाया जाखल पर चलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। हिसार-जाखल के बीच ट्रेनों का आवागमन न होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ट्रेनें बंद होने से उन पर आर्थिक भार पड़ रहा है।
रेल यात्री निजी वाहनों व बसों से सफर करने को मजबूर हैं। यही नहीं रेलवे स्टेशनों व इसके आसपास कैंटीन, होटल, चाय वाले और ढाबा चलाने वाले लोग भी परेशान हैं। आंदोलन का खमियाजा आम जनता खासकर ट्रेनों से सफर करने वाले मुसाफिरों को भुगतना पड़ रहा है। जहां रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ रहती थी वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों को बसों व टैक्सियों में धक्के खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। खासतौर पर लंबी दूरी के यात्री सबसे ज्यादा परेशान हैं।
17 अप्रैल से है बंद है हिसार-लुधियाना वाया जाखल पर सभी पैसेंजर ट्रेनों का आवागमन
शंभू बॉर्डर पर पिछले कई दिनों से रेलवे ट्रैक को किसानों द्वारा टेंट लगाकर बंद कर दिया गया है। जिसके चलते ट्रेनों की आवाजाही बंद पड़ी है। इसके चलते जमालपुर, उकलाना, बरवाला हिसार के बीच रोजाना आवागमन करने वाले मजदूर व इलाज के लिए हिसार जाने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जाखल रेलवे फाटक पर घंटों करना पड़ रहा इंतजार
दिल्ली से वाया अंबाला जाने वाली अनेक ट्रेन वाया जाखल आवागमन कर रही हैं। इन ट्रेनों के कारण तलवाड़ा रेलवे फाटक घंटों बंद रहने लगा है। जिसके कारण वाहन चालकों को फाटक खुलने का काफी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।