भूना। नगर पालिका भंग कर ग्राम पंचायत व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर मंगलवार दोपहर बाद पुरानी जनता धर्मशाला में आमजन और सफाई कर्मचारियों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे लेकिन फिलहाल कोई बीच का रास्ता नहीं निकल सका।
अब आगामी कोर कमेटी की बैठक में नगर पालिका भंग करने और सफाई कर्मचारियों की रोजगार संबंधी समस्या के समाधान को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में शिक्षाविद तरसेम शर्मा ने ग्राम पंचायत बनने के पक्ष में विभिन्न तर्क सफाई कर्मचारियों के समक्ष रखे।
पूर्व जिला पार्षद बलविंदर सिंह कैरो ने कहा कि दो अक्तूबर की महापंचायत में शहरवासियों ने नगर पालिका भंग कर ग्राम पंचायत व्यवस्था लागू करने की आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि शहरवासी नगर पालिका की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं। वहीं सफाई कर्मचारियों ने अपनी नौकरी की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
समाजसेवी राजाराम वाल्मीकि ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को रोजगार की गारंटी मिलनी चाहिए। यदि पंचायत व्यवस्था में भी उनका रोजगार सुरक्षित रहता है तो वे आंदोलन के साथ हैं। सफाई कर्मचारी नेता मंगल सिंह ने कहा कि नगर पालिका में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन सरकार की ओर से दिया गया है। ऐसे में पंचायत बनने पर कर्मचारियों के सामने नौकरी का संकट पैदा होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ समाज के लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। ईश्वर सिंह वाल्मीकि ने भी पंचायत व्यवस्था से होने वाले संभावित नुकसान गिनाए। बैठक में चेयरपर्सन प्रतिनिधि पंकज पसरीजा, वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी सहित कई पार्षद मौजूद रहे।
शिक्षाविद तरसेम शर्मा ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को आगामी बैठक के एजेंडे में प्रमुखता से रखा जाएगा। इस दौरान अशोक कत्याल, खैराती लाल छोकरा, सरपंच सुरेश कंबोज, सतीश भूटानी, देशराज पटवारी, वीरेंद्र शर्मा, अंकित कंबोज, महावीर वाल्मीकि, सहित अन्य मौजूद रहे।