फतेहाबाद। चिकित्सकों के बाद अब स्वास्थ्य कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में 24 जुलाई से 3 दिन की सांकेतिक हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है। तीनों दिन एनएचएम कर्मचारी अपनी सेवाएं ठप रखकर मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
जानकारी देते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन शर्मा ने बताया कि 24 जून को पूरे हरियाणा के एनएचएम कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर अपना रोष प्रकट किया। दो जुलाई को सिविल सर्जन को मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग के नाम व 5 से 12 जुलाई तक सभी भाजपा के जिला अध्यक्षों व एमएलए को ज्ञापन सौंपे गए।
उस समय सरकार को यह चेताया गया था कि अगर 14 जुलाई तक कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया जाता है तो कर्मचारी आंदोलन के लिए विवश होंगे। अब संघ ने सरकार को 23 जुलाई तक की चेतावनी दी है। अगर सरकार 23 जुलाई तक मांगों को पूरा नहीं करती है तो 24 जुलाई से प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी तीन दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे।
विपिन शर्मा ने बताया कि पिछले 26 वर्षों से एनएचएम कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है, मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी के बावजूद सातवें पे कमीशन का लाभ नहीं दिया जा रहा और जान-बूझकर अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों का दो महीने से सेलरी का बजट जान-बूझकर रोका गया है। कर्मचारी वर्ग जब अपनी मांगों को लेकर सरकार के पास जाता है तो वेतन को एकमुश्त करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।