फतेहाबाद। जन्म प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़ा मामलों के सामने आने बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती कर दी है। अब डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र आसानी से नहीं मिल पाएगा। सीआरएस पोर्टल में फेरबदल किया गया है। अगर जन्म प्रमाणपत्र में गड़बड़ी होती है तो रजिस्ट्रार के साथ-साथ जिला रजिस्ट्रार भी जिम्मेदार होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जन्म प्रमाणपत्र के पुराने रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने दौरान पावर अब जिला रजिस्ट्रार को दे दी है। जिला रजिस्ट्रार के पास ऑनलाइन आवेदन जाएगा। मंजूरी के बाद ही डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र जारी हो पाएगा। पहले पुराने जन्म प्रमाणपत्र में त्रुटियों को ठीक करवाने या फिर नया डिजिटल जारी करवाने के लिए आवेदन पर रजिस्ट्रार ही जारी कर देते थे लेकिन अब आवेदन रजिस्ट्रार से जिला रजिस्ट्रार के पास जाएगा।
रजिस्ट्रार आवेदन के साथ पुराना रिकॉर्ड भी जिला रजिस्ट्रार के पास भेजेगा। यहां जिम्मेदार अधिकारी रिकॉर्ड जांच के बाद जन्म प्रमाणपत्र को मंजूरी देंगे। हालांकि इस नए नियम से रजिस्ट्रार और जिला रजिस्ट्रार का काम बढ़ गया है। इसके अलावा सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर वर्क लोड भी बढ़ा है। स्थिति ये है कि आवेदन की फाइलें अटक रही हैं। संवाद
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पीएचसी 100 से ज्यादा नहीं कर पाएगी आवेदन
जिले में 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके अधीन आने वाले गांवों से सीआरएस पोर्टल पर वर्ष 2005 से 2016 के जन्म प्रमाणपत्र को डिजिटल लेने या फिर त्रुटियों को ठीक करवाने के आवेदन संबंधित पीएचसी पोर्टल पर दर्ज होंगे। विभाग ने इन पीएचसी की लिमिट तय कर दी है। पीएचसी से 100 से ज्यादा आवेदन नहीं हो पाएंगे। 100 से ज्यादा आवेदन पर फाइल अटक जाएगी।
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वर्ष 2025 में जन्म प्रमाणपत्र के लिए रजिस्ट्रेशन
लड़के - 8013
लड़कियां - 7687
कुल - 15701
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वर्ष 2025 में मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए रजिस्ट्रेशन
लड़के - 4105
लड़कियां - 2683
कुल - 6789
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कॉलेजों में चल रही दाखिला प्रक्रिया, आवेदनों पर संकट
डिजिटल जन्म प्रमाणपत्र के लिए विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कारण कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में सीएसआर पोर्टल पर आवेदनों की संख्या भी बढ़ चुकी है लेकिन मंजूरी में समय लग रहा है। आधार कार्ड में भी अगर जन्म से संबंधित त्रुटियों को ठीक करवाना है तो उसके लिए जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
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जन्म प्रमाणपत्र के पुराने रिकॉर्ड को लेकर पहले रजिस्ट्रार मंजूरी से जारी हो जाते थे लेकिन अब जिला रजिस्ट्रार के पास पोर्टल के जरिए आवेदन आ रहे हैं।
-डॉ. गिरीश, जिला रजिस्ट्रार, स्वास्थ्य विभाग