फतेहाबाद। रिश्ते में चाचा लगने वाले व्यक्ति की हत्या करने के दोषी भतीजे को जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से उप-जिला न्यायवादी अरुण बंसल ने पैरवी की।
जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल व पीपी अरुण बंसल ने बताया कि मृतक कृष्ण के भाई गाजूवाला निवासी बलबीर सिंह की शिकायत पर सदर पुलिस टोहाना में 20 अप्रैल 2022 को आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया था। दोषी टोहाना के गाजूवाला निवासी कप्तान उर्फ बिट्टू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी कप्तान उर्फ बिट्टू को आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया था। शुक्रवार को सजा सुनाई गई।
तू मेरे पास क्यों आया, यहां से चला जा, इस बात पर हुई थी बहस
शिकायतकर्ता बलबीर सिंह ने पुलिस को बताया कि 20 अप्रैल 2022 को उसके चाचा के लड़के अजीत ने उसे बताया कि उसके भाई कृष्ण के साथ कप्तान उर्फ बिट्टू झगड़ा कर रहा है। इस पर जब वह कृष्ण के घर के आगे पहुंचा तो कप्तान उर्फ बिट्टू उसके भाई के साथ मारपीट कर रहा था। उसे देखकर वह मौका से भाग गया। जब उसने कृष्ण को देखा तो पाया कि उसके माथे, मुंह व आंख पर चोटें लगी हुई थीं। उसके कान से भी काफी खून बह रहा था। उसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल टोहाना लाया गया। जहां से उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस पूछताछ में आरोपी कप्तान उर्फ बिट्टू ने बताया कि वह कृष्ण के मकान में गया तो कृष्ण ने उससे कहा कि तू मेरे पास क्यों आया है, यहां से चला जा। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। जो कि मारपीट तक जा पहुंची।