फतेहाबाद। शहर में किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारियों को परखने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को शहर में चार स्थानों पर ऑपरेशन शील्ड के तहत मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
अभ्यास लघु सचिवालय, बीडीपीओ कार्यालय, नगर परिषद कार्यालय व एमएम कॉलेज में किया गया। अभ्यास कार्यक्रम के दौरान अधिकारी व कर्मचारी ज्यादा गंभीर नजर नहीं आए। लघु सचिवालय में जिस गंभीर के लिए एंबुलेंस बुलाई गई कर्मचारी उसे ले जाना भूल गए। यहां तक स्ट्रैचर पर घायल को ले जाने की जगह घसीटते हुए नजर आए।
यही नहीं अभ्यास कार्यक्रम के दौरान लघु सचिवालय में आग लगने की घटना के दौरान ढूंढने की जगह टीम ने फोन करके पूछा गया कि वह कहां पर है। और इस तर हंसी-मजाक में लघु सचिवालय में मॉक-ड्रिल संपन्न हो गई।
मॉक ड्रिल की शुरुआत शाम 5 बजे लघु सचिवालय स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष में एक काल्पनिक दुर्घटना ड्रोन हमले की सूचना मिलने और आग लगने से सायरन बजने के साथ हुई। सूचना मिलते ही प्रतिक्रिया के तहत फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को सूचित किया गया और राहत व बचाव कार्य तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया। लघु सचिवालय में नागरिक सुरक्षा अभियान के दौरान जैसे ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी आई।
उसी समय सिंचाई विभाग के एसई ओपी बिश्नोई का पीछे हटने के दौरान चक्कर खाकर गिरने लगे तो मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने संभाल लिया। लघु सचिवालय के अंदर धुंआ फैलने के बाद जैसे ही रेस्क्यू टीम घायलों को इमारत से बाहर निकालने के लिए पहुंची तो टीम को अंदर घायल नही मिले। जिसके बाद टीम लौट गई।
जिसके बाद अधिकारियों ने बेहोश हो चुके घायलों को फोन करके ये पूछा गया कि आप कौन से कमरे में है। फोन पर बेहोश हो चुके घायलों ने बताया कि वह लघु सचिवालय की पहली मंजिल पर स्थित पासपोर्ट व लाइसेंस शाखा कार्यालय में मौजूद हैं। जिसके बाद रेस्क्यू की टीम वहां पर पहुंची और घायलों को कंधे पर उठाकर नीचे लाना शुरू किया गया।
जिस घायल के लिए मंगवाई, एंबुलेंस में ले जाना ही भूले
सुरक्षा अभ्यास के दौरान लघु सचिवालय से करीब 14 घायलों को रेस्क्यू करके नीचे लाया गया। जिनमें से 4 मरीजों को एक एंबुलेंस व दो घायलों को दूसरी एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन जिस गंभीर घायल के लिए दूसरी एंबुलेंस मंगवाई गई थी उसे स्वास्थ्यकर्मी ले जाना ही भूल गए। गंभीर घायल को पहले सीपीआर दिया, उसके बाद उसे रिकवरी स्थिति में लिटा दिया गया। जिसके बाद एंबुलेंस को तुरंत आने के लिए कॉल की गई। ताकि घायल को अस्पताल ले जाया जा सके। लेकिन जैसे दूसरी एंबुलेंस आई, घायल व्यक्ति को ने जाना भूल गए। अन्य दो मरीजों को एंबुलेंस में लिटाकर नागरिक अस्पताल के लिए रवाना कर दिया गया। जिसके बाद घायल व्यक्ति खुद की उठा और अपनी पैंट को झाड़ते हुए चल दिया। वही इस अभ्यास के दौरान कई घायल हंसते हुए नजर आ रहे थे।
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घायलों को उठाने में दिखाई लापरवाही
घायलों को उठाने में भी लापरवाही बरती गई। लघु सचिवालय के नीचे लाते समय उसके घायल के पैरों को नहीं उठाया गया। जिससे उसके पांव जमीन पर घिसटते हुए नजर आ रहे थे।
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ये रहे ओवरऑल इंचार्ज
अतिरिक्त उपायुक्त को लघु सचिवालय तथा जिला का ओवरऑल इंचार्ज, उपमंडल अधिकारी (ना) फतेहाबाद को एमएम कॉलेज, डीडीपीओ को बीडीपीओ कार्यालय तथा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को नगर परिषद कार्यालय में मॉक ड्रिल को संपन्न करवाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।
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मॉक ड्रिल में ये रहे मौजूद मौजूद
इस मौके पर एडीसी अनुराग ढालिया, एसडीएम राजेश कुमार, नगराधीश गौरव गुप्ता, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता ओपी बिश्रोई, डीआरओ श्याम लाल, डीएसपी संजय सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक अमित पंवार, रेडक्रॉस सचिव रामजी लाल, सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर राजेश बूमरा, सहित जिला रेडक्रॉस, पीओ आईसीडीएस सुरजीता कुमारी सहित रजिस्टर्ड सिविल डिफेंस वॉलिंटिसर, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के वॉलिंटियर, होमगार्ड व पुलिस के जवान तथा रजिस्टर्ड पूर्व सैनिक मौजूद रहे।