फतेहाबाद। कोरोना टीकाकरण को लेकर जिले की स्थिति अच्छी नहीं है। जिले में कोविशील्ड वैक्सीन का स्टॉक ही नहीं है और सिर्फ कॉवैक्सीन है। इसके पात्र न होने के चलते टीकाकरण ही नहीं हो रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में ही सप्ताह में दो से तीन दिन ही टीकाकरण हो पा रहा है। जिले में अब तक 30 फीसदी पात्रों को कोरोना की दूसरी डोज नहीं लगी है।
यहां तक बूस्टर डोज भी जिले में मात्र दो फीसदी पात्रों को ही लगी है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 686401 पात्रों को पहली डोज, दूसरी डोज 478606 पात्रों को और 16052 पात्रों को ही बूस्टर डोज लगी है।
तीन माह से कोविशील्ड वैक्सीन खत्म
जिले में कोरोना की कोविशील्ड वैक्सीन पिछले तीन माह से खत्म है। जबकि सबसे ज्यादा पात्रों को कोविशील्ड वैक्सीन लगी है। इसके चलते कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी और बूस्टर डोज पात्रों को नहीं लग पा रही है। कोबेवैक्स वैक्सीन पिछले पांच माह से खत्म है।
जिले में इतने पात्रों का ये हो चुका कोरोना टीकाकरण
पात्र पहली डोज दूसरी डोज बूस्टर
स्वास्थ्यकर्मी 4815 4758 903
फ्रंटलाइन वर्कर्स 2415 2030 190
60 साल से ऊपर 84263 64714 4567
45 से 59 साल 144210 120217 3509
18 से 44 साल 403463 270229 6883
15 से 17 साल 38931 13739 0
12 से 14 साल 8304 2919 0
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शिशु के जन्म के बाद ये होता है टीकाकरण
जन्म के समय - बीसीजी, ओपीवी, हेपेटाइटिस बी,
छह सप्ताह पर - ओपीवी पहली, पेंटावेलेंट पहली, आइपीवी पहली, रोटा पहली और पीसीवी पहली डोज
10 सप्ताह पर - ओपीवी दूसरी, पेंटावेलेंट और रोटा की दूसरी डोज
14 सप्ताह पर - ओपीवी तीसरी, पेंटावेलेंट तीसरी, आईपीवी, रोटा तीसरी और पीसीवी दूसरी डोज
9 से 12 माह - एमआर पहली डोज, पीसीवी बूस्टर, जेई
16 से 24 माह - एमआर दूसरी डोज, डीपीटी बी, ओपीवी बी, जेई
5 से 6 साल - डीपीटी बूस्टर डोज
10 साल - टीडी
16 साल - टीडी
पांच फीसदी शिशुओं का नहीं हुआ टीकाकरण
जिले में शिशुओं के टीकाकरण को लेकर 95 फीसदी का लक्ष्य दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक 90 फीसदी शिशुओं का टीकाकरण हो चुका है।