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Fatehabad News: शहर में बढ़ती चोरियों पर गुस्साए लोग बोले- फतेहाबाद का नाम रख दो क्राइम जिला

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फतेहाबाद के राम पार्क में चोरियों के खिलाफ एकजुट हुए लोग।
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फतेहाबाद। फतेहाबाद शहर में लगातार बढ़ रही नशाखोरी व चोरी की घटनाओं के खिलाफ आखिरकार शहर के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज मुखर कर दी है। वीरवार को चोरियों से पीड़ित लोग व समाजसेवी एसबीआई मेन ब्रांच के सामने स्थित राम पार्क में एकत्रित हुए और पुलिस व सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। लोगों ने यहां तक कह दिया कि जैसे चोरी व नशाखोरी बढ़ रही है, उस हिसाब से तो जिले का नाम फतेहाबाद से बदलकर क्राइम जिला रख देना चाहिए। बैठक में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि अभी तो शहर के कुछ मौजिज लोगों ने मोर्चा खोला है, आगे सभी संस्थाओं को साथ लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन भी किया जाएगा।
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बैठक में पिछले दिनों जिन लोगों के घरों पर चोरियां हुई, उनको भी बुलाया गया। उन्होंने अपनी आपबीती बैठक में सुनाई। सभी का यही कहना था कि पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही, बहुत से मामलों में उन्होंने बताया कि चोरों को पकड़वा दिया गया या चोरों के बारे में पुलिस को बताया गया, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने की बजाय छोड़ देती है। भाजपा नेता शंकर नारंग ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपराध का गढ़ बना हुआ था, लेकिन जब से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आई है, तब से वहां क्राइम रेट कम हुआ है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल को भी योगी आदित्यनाथ जैसा बनना होगा, तभी क्राइम रेट कम होगा।
इस मौके पर सर्वेश सिंह, सुलक्षण सिंह, सचिन बिश्नोई, अनिल कुमार, भीमसेन असीजा, मदनलाल, सोनू बिश्नोई, सुरेश कुमार, रामनिवास शर्मा, हनुमानदास, रमेश गावड़ी, ईश कुमार, रमेश कुमार, नंदलाल बंसल, जितेंद्र, राकेश कुुमार, यश सहित कई लोग मौजूद रहे।
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चोरों ने आतंक फैला यह मान के, पुलिस सोई चादर तान के...
राम पार्क में एकत्रित लोगों ने नारा बुलंद किया कि चोरों ने आतंक फैलाया यह मान के, पुलिस सोई है चादर तान के। मोर्चे के आयोजक शंकर नारंग व अनिल असीजा ने लोगों से अपील की कि केवल चोरों और बदमाशों के पीड़ित ही नहीं बल्कि हर व्यक्ति इस मोर्चे से जुड़कर शहर की आवाज बुलंद करें। शंकर नारंग ने कहा कि जिस तरह से यहां चोरियां व स्नेचिंग की घटनाएं हो रही हैं। अनिल असीजा ने बताया कि एक जगह लगातार तीन दिन तक अनाज चोरी हुआ, चौथे दिन चौकीदार रख लिया गया। फिर भी चोरी हो गई, चौकीदार ने चोर भी पकड़ लिया और थाने में पहुंचा दिया। पुलिस ने कहा कि आपने इन्हें पीटा तो नहीं, चाय पिलाई या नहीं। उन्होंने कहा कि जब भी किसी शिकायत के लिए थाने में जाते हैं तो पुलिस कर्मचारी ताश खेलते हुए मिलते हैं। चोर पकड़ कर पुलिस के हवाले किया जाता है तो उनको बिना कार्रवाई के हाथोंहाथ छोड़ दिया जाता है।

इन्होंने बताई अपनी आपबीती
केस नंबर एक
शिव नगर निवासी अनाज मंडी के आढ़ती अनंत सांगा ने बताया कि पहले उनके घर से 35 हजार रुपये चोरी हो गए। 24 अक्तूबर 2022 को उनकी रेकी की गई और जब वह सुबह सैर से वापस घर जा रहे थे तो युवकों ने उनको घेरकर उनका सोने का कड़ा छीन लिया।

केस नंबर दो
नहर कॉलोनी निवासी ज्ञान देवी ने बताया कि 23 दिसंबर 2020 को वह बाजार जा रही थी तो युवकों ने उनको बहलाकर उनसे सोने के जेवर छीन लिए और फरार हो गए। इस मामले की आज तक छानबीन नहीं हुई है।

केस नंबर तीन
ठाकर बस्ती निवासी रमेश जैन ने बताया कि 11 जनवरी 2023 को उनकी टाटा एस गाड़ी चोरी हो गई, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। उनको कहा जाता है कि आप अपने स्तर पर चोरों का पता लगा लो।

केस नंबर चार
बतरा कॉलोनी निवासी हनुमान दास ने बताया कि तीन मार्च 2022 को उनके घर चोरी हुई थी, वह इसकी शिकायत गृहमंत्री तक कर चुके हैं। मगर पुलिस अभी तक आरोपियों के गिरेबां तक नहीं पहुंच पाई है। जबकि वह चोरी करने वाले लोगों पर शक भी जता चुके हैं।

केस नंबर पांच
अग्रवाल कॉलोनी निवासी हुकमचंद ने बताया कि इसी साल 15 जनवरी को उनके घर में चोरी हुई। चोर काफी सामान चुरा ले गए। मगर पुलिस चोरों का कोई पता नहीं लगा पाई है।

केस नंबर छह
बीघड़ निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिसवाले चोरों को पकड़ने की बजाय ताश खेलने में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कई नशेड़ियों के खिलाफ भी शिकायत की है। उनके भाई का पर्स चुराने वाले की सीसीटीवी फुटेज तक हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं।

समाज की हर समस्या को लेकर आवाज बुलंद करने का समय : नारंग
पार्षद मोहन लाल नारंग ने रोष जताते हुए कहा कि सिर्फ चोरी ही नहीं बल्कि समाज में फैल रही हर प्रकार की गंदगी के प्रति अब आवाज बुलंद करने का समय आ गया है। यह सब नशे के कारण हो रहा है। नशे की प्रवृति लगातार बढ़ रही है। युवा नशे के चक्कर में चोरी व स्नेचिंग जैसी घटनाएं हो रही है। अगर किसी नशेड़ी को चोरी करते हुए पकड़कर पुलिस के हवाले किया जाता है तो उसे छोड़ दिया जाता है। पुलिस को चाहिए कि ऐसे लोगों के खिलाफ या तो कार्रवाई करें या फिर उनको नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाए, लेकिन ऐसा नहीं होता।
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