फतेहाबाद। पुलिस विभाग द्वारा नशे को लेकर गोद लिए गए 15 गांवों में से दो गांव अयाल्की और भरपूर को ड्रग एवं हिंसामुक्त मेरा गांव मेरी शान घोषित कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक राकेश कुमार आर्य की उपस्थिति में भरपूर सरपंच प्रतिनिधि दिनेश भारती व अयाल्की सरपंच महेंद्र सिहं लखेरा ने घोषणा की। पुलिस विभाग द्वारा बनाई गई टीम द्वारा किए गए सर्वे के दौरान यहां 34 युवा नशे की चपेट में मिले थे, जिनका उपचार के साथ-साथ काउंसिलिंग करवाई गई। इसके बाद युवाओं ने नशा छोड़ दिया।
हिसार के पुलिस महानिरीक्षक राकेश कुमार आर्य ने ड्रग एवं हिंसामुक्त, मेरा गांव-मेरी शान अभियान के तहत गांव अयाल्की में लगे स्वागत द्वार नशामुक्त गांव अयाल्की में आपका स्वागत है का भी अनावरण किया। आईजी ने ग्रामीणों से गांव में हुए सुधार बारे जानकारी ली और कहाकि आपलोगों की पहल दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। एसपी आस्था मोदी द्वारा गांव भरपूर में भी इसी तरह के स्वागत द्वार का अनावरण कर ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई। गांव अयाल्की में समारोह को संबोधित करते हुए आईजी राकेश कुमार आर्य ने कहा कि एक वर्ष पूर्व हिसार मंडल के सभी जिलों में ड्रग एवं हिंसामुक्त, मेरा गांव-मेरी शान अभियान शुरू किया गयाथा, जिसके तहत पुलिस द्वारा अनेक गांवों को गोद लेकर उन्हें नशामुक्त करने का बीड़ा उठाया गया था। गांव भरपूर व अयाल्की के युवा नशे से तौबा कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ चुके हैं।
इस दौरान डीएसपी सुभाष चन्द्र, डीएसपी शुक्रपाल, आईजी पीआरओ सज्ज्न कुमार सहित गांवों के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ये गांव लिए गए है गोद
एसपी आस्था मोदी ने बताया कि अभियान के तहत फतेहाबाद पुलिस द्वारा गांव फुलां, दरियापुर, अहलीसदर, हिजरावां खुर्द, खुनन, किरढ़ान, अयाल्की, हिजरावांकलां, भरपूर, रत्ताखेड़ा, लाली, भिरड़ाना, ब्राह्मणवाला, मडमड़ा और रतनगढ़ को गोद लिया गया है। इनसभी गांवों में जिला पुलिस की नशामुक्ति टीम ग्रामीणों को जागरूक कर उन्हें नशा से होने वाले दुष्प्रभावों बारे जानकारी दे रही है। इस अवसर पर ड्रग के कुप्रभाव पर बनी टेली फिल्म ‘‘नशा एक दुखान्त’’ का उद्घाटन किया।