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Fatehabad News: पीपीपी बना जी का जंजाल, आय सत्यापन के लिए काट रहे कार्यालय के चक्कर

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फतेहाबाद। परिवार पहचान पत्र जिले के लोगों के गले की फांस बना हुआ है। लोगों को अपनी फैमिली आईडी की वेरिफिकेशन व फैमिली आईडी में आय कम करवाने के लिए बार-बार लघु सचिवालय के डीपीआरसी हॉल में चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रतिदिन 300 से 400 लोग यहां पर पहुंच रहे हैं और कर्मचारियों को टोकन सिस्टम के तहत उनके कागज लेेने पड़ रहे हैं।
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परिवार पहचान पत्र में जिन लोगों की सालाना आय एक लाख 80 हजार या इससे कम है, उन लोगों के आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड व पेंशन बनाई जा रही है। जब से लोगों के पीपीपी कार्ड बने हैं तो उनमें उनकी आय अधिक दिखाई दी गई तो कई लोगों की फैमिली आईडी कार्ड का सत्यापन भी नहीं हुआ है। फैमिली आईडी में आय अधिक दिखाने व आय सत्यापन न होने के कारण कई लाभपात्रों के राशन कार्ड व पेंशन भी कट चुकी हैं। जिस कारण लोग परेशान हैं और सरकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कई लोग तो ऐसे हैं, जिन्होंने फैमिली आईडी में आय कम दिखाई है और जब फैमिली आईडी बनी तो उसमें पांच लाख रुपये उनकी सालाना आय को दिखा दिया गया। संवाद

एक जनवरी से अब तक 7200 से अधिक लोग काट चुके चक्कर
प्रशासन ने लोगों की फैमिली आईडी की वेरिफिकेशन व आय में आई त्रुटियों को लेकर डीपीआरसी हॉल में कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। एक जनवरी सेे कर्मचारी लोगों की पीपीपी संबंधी समस्याओं को देख रहे हैं। उनके अनुसार, प्रतिदिन 300 से 400 लोग उनके पास आ रहे हैं। सोमवार को भी साढ़े 350 लोग पहुंचे थे और मंगलवार को 300 के करीब डीपीआरसी हॉल में आए हुए थे।
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इनको भी परेशानी
फतेहाबाद निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि मैं मजदूरी करता हूं और फैमिली आईडी में मैंने मेरी इनकम 70 हजार रुपये दिखाई थी, लेकिन जब फैमिली आईडी बनकर आई तो उसमें मेरी व मेरी पत्नी की ढाई-ढाई लाख रुपये सालाना इनकम दिखा दी, जबकि मेरी पत्नी गृहिणी है और कोई काम भी नहीं करती है। मैं पिछले 10 दिनों से यहां चक्कर काट रहा हूं। इसी प्रकार फतेहाबाद निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि मेरी सालाना आय फैमिली आईडी में ढाई लाख दिखाई गई है, जबकि मेरा पेशा मजदूरी है। फैमिली आईडी में जो इनकम मैंने लिखवाई थी, उससे दो गुना अधिक दिखा दी गई। मैं तीसरी बार यहां पर आया हूं।
कोट
मैं मजदूरी करता हूं और मैंने फैमिली आईडी में अपनी 80 हजार रुपये बताई थी, लेकिन इसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपये दिखा दिया गया। अधिक आय दिखाने के कारण मेरा राशन कार्ड कट गया है और अन्य सुविधाएं भी मिलनी बंद हो गई है। मजदूरी से प्रतिदिन मैं अकेला ही 200 या 300 रुपये कमाता हूं, ऐसे में मेरी आय ढाई लाख कैसे हो सकती है।
-बलजीत सिंह, खान मोहम्मद।
कोट
मैं गांव समैन से हूं और फैमिली आईडी की वेरिफिकेशन के लिए पिछले पांच माह से लगातार चक्कर काट रहा हूं। अभी तक मेरी फैमिली आईडी की वेरिफिकेशन नहीं हुई है और बार-बार चक्कर काटकर मैं परेशान हो चुका हूं। मुझे राशन मिलना भी बंद हो गया है, क्योंकि फैमिली आईडी की वेरिफिकेशन नहीं हुई है।
-शमेशर सिंह, समैन।

कोट
फैमिली आईडी से संबंधित समस्याओं को लेकर डीपीआरसी हॉल में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यहां पर लोगों की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। फैमिली आईडी वेरिफिकेशन का डाटा ऊपर से आता है, इसलिए थोड़ी देरी हो रही है, इस काम में तेजी लाई जाएगी। जिनकी आय अधिक दर्शाई गई है, वह सीएससी सेंटर में जाकर पोर्टल पर अपना आवेदन डाल सकते हैं।
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-अजय चोपड़ा, एडीसी फतेहाबाद
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