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Fatehabad News: निकाय मंत्री शहर में, फिर भी नहीं उठे कचरे के ढेर

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फतेहाबाद के फव्वारा चौक पर लगे कचरे के ढेर। संवाद
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फतेहाबाद। नगर निकाय मंत्री कमल गुप्ता शुक्रवार को पहली बार विकास कार्यों और अन्य मुद्दों को लेकर फतेहाबाद में पहुंचे और करीब तीन घंटे तक यहां रहे। बावजूद इसके शुक्रवार को शहर में सफाई नहीं हुई। करीब 40 टन कचरा शहर से नहीं उठा और न डोर टू डोर कचरा उठान हुआ। नगरपरिषद अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों की मांगों को न मानने से खफा सफाई कर्मचारी शुक्रवार से हड़ताल पर चले गए। पहले दिन ही सफाई व्यवस्था को लेकर हालात बिगड़ गए।
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सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने नगरपरिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। हड़ताल खुलवाने को लेकर शुक्रवार को प्रशासन की तरफ से भी पहल नहीं की गई, इसके चलते कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। ऐसे में सफाई को लेकर हालात बिगड़ सकते है। वहीं नगर परिषद कर्मचारियों ने हड़ताल को लेकर पहले ही घोषणा कर रखी थी। मांगों को लेकर वीरवार को भी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक हुई। इसके बाद शुक्रवार की हड़ताल का ऐलान किया गया था लेकिन बावजूद इसके नगर परिषद अधिकारियों ने मुख्य संग्रह स्थल से कचरा उठाने को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की।
कर्मचारी बोले- डीएमसी और ईओ दे चुके हैं मांग पत्र
नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तुषामड़ ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल फतेहाबाद प्रशासन ने करवाई है। कर्मचारियों ने दो फरवरी को नगर आयुक्त और कार्यकारी अधिकारी को मांग पत्र दिया था जिसमें नगर आयुक्त ने एक तीन मेंबर कमेटी गठित की और कर्मचारियों को जल्द उनकी मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद कर्मचारी कई बार अधिकारियों से मिले लेकिन हर बार अधिकारियों का टरकाऊ रवैया बना रहे। इससे खफा कर्मचारियों ने फिर 16 मार्च को आंदोलन का नोटिस दिया तथा 20 मार्च को सभी कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर काम किया। इसके बाद कर्मचारियों ने गेट मीटिंग करके उल्टा झाडू व काले झंडे लेकर शहर में रोष प्रदर्शन भी किया लेकिन फिर भी अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इसके चलते मजबूर होकर संघ ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। फतेहाबाद ब्लाक प्रधान राजपाल मित्ताथल ने भी समर्थन दिया और प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर समय रहते हुए प्रशासन ने सभी मांगों का समाधान नहीं किया तो ये हड़ताल एक विकराल रूप ले लेगी।
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ये हैं कर्मचारियों की मांगें
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सभी कर्मचारियों को समान काम समान वेतन देने, सरकार के लेटर के अनुसार कच्चे कर्मचारियों को एलटीसी देने, 29 अक्टूबर 2022 को लगातार 11 दिन चली हड़ताल के समझौते अनुसार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने व नगरपरिषद हाऊस की बैठक में यूनियन को नया कार्यालय बनाकर देने की मांग की।
कोट
सफाई कर्मचारियों की जो स्थानीय मांगे हैं उसे पूरा करने का आश्वासन दिया गया है और कुछ पूरी भी हो गई है। लेकिन जो मुख्यालय स्तर की मांगे है इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
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-मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक
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