फतेहाबाद। नगरपरिषद कार्यालय में रोष जताते कर्मचारीस्त्रोत : संघ
फतेहाबाद। शहर में 1 और 2 मई को सफाई का काम पूरी तरह ठप रहेगा। अपनी लंबित मांगों के विरोध में नगरपरिषद के कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। नगर परिषद कार्यालय में वीरवार को कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित रह सकती है। वजह यह है कि नगर परिषद के पास वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। रोजाना शहर से 35 से 40 टन कचरा निकलता है। प्रदर्शन की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान नरेश राणा ने और मंच संचालन सचिव ओम प्रकाश लोट ने किया गया।
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य प्रेस सचिव व जिला प्रधान विजय ढाका ने कहा कि प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी और तानाशाही अब बर्दाश्त से बाहर है। कर्मचारियों ने 16 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से विरोध दर्ज कराया कभी कार्य बंद किया, कभी काली पट्टी बांधी और क्रमिक भूख हड़ताल भी की। मांग न माने जाने के कारण कर्मचारियों को 1 व 2 मई को प्रदेशव्यापी हड़ताल के लिए मजबूर कर दिया है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हड़ताल के दौरान कर्मचारी संघ ने मांग की कि सभी विभागों से ठेका प्रथा खत्म कर पक्की भर्ती की जाए। समान काम-समान वेतन, कच्चे कर्मचारियों को न्यूनतम 30 हजार रुपये वेतन दिया जाए। फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिजनों को नौकरी और आर्थिक सहायता मिले। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार कच्चे कर्मियों को अविलंब पक्का किया जाए।