फतेहाबाद। नगर परिषद उप प्रधान सविता टुटेजा शुक्रवार दोपहर को पार्षद व प्रतिनिधियों को साथ लेकर रेहड़ी संचालकों को जगह देने के लिए फील्ड में उतरीं। पार्षद निलांशी शर्मा, राजकुमार सुभाष, प्रतिनिधि पंछी ठेकेदार, योगी हंसराज को लेकर जब उप प्रधान थाना रोड स्थित मल्टीपर्पस पार्किंग में पहुंचीं तो यहां पर ठेकेदार की मनमानी मिली। मल्टीपर्पस पार्किंग में वाहन खड़ा करने की फीस तय रेट से दो गुना वसूली जा रही थी, इसके अलावा पार्किंग के अंदर ही रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलती मिली।
उप प्रधान व पार्षदों ने पार्किंग फीस की पर्चियों की मोबाइल से फोटो ली। इसके बाद पार्किंग के बाहर स्टॉल संचालकों से पूछा कि वह कितने रुपये लगाने के दे रहे हैं तो एक चुप्पी रखी तो दूसरे ने कहा कि वह 4500 रुपये देता है और कई दो स्टॉल लगाने के 9000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इस दौरान उपप्रधान और पार्षदों ने फव्वारा चौक और शहर थाना के बीच बने शौचालय का निरीक्षण किया। यहां पर गंदगी मिली। आसपास के दुकानदारों से पूछा तो उन्होंने कहा कि कर्मचारी रोजाना नहीं आते है। इस पर उपप्रधान और पार्षदों ने कहा कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करवाया जाएगा।
प्रधान की बुलाई इमरजेंसी हाउस बैठक हुई रद्द
हंस मार्केट के दुकानदार वीरवार को नप प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची से मिले थे। दुकानदारों ने प्रधान को पांच दिन का अल्टीमेटम देकर कहा था कि हंस मार्केट से रेहड़ियां हटवाई जाएं। इसके बाद नप प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने शुक्रवार को हाउस की इमरजेंसी बैठक बुलाई थी। लेकिन नप प्रधान के पीए ने सुबह वाट्सअप में सूचना जारी कर दी कि मीटिंग रद्द है।
नप नहीं ढूंढ पा रहा रेहड़ी संचालकों के लिए जगह
नप उप प्रधान सविता टुटेजा और पार्षदों ने रेहड़ी संचालकों को जगह देने के लिए सर्वे किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बताया जा रहा है कि टीम पार्किंग में रेहड़ी वालों के लिए जगह देखने गई थी। इसके अलावा नए बस स्टैंड की तरफ और रतिया चुंगी पर जगह देखी गई लेकिन सहमति नहीं बनी है। मार्केट कमेटी के शेड के नीचे जगह देने को लेकर चर्चा हुई लेकिन धान के सीजन में दिक्कत होने पर भी मंथन किया गया। नगर परिषद हाउस और अधिकारियों की भी टेंशन बढ़ गई है क्यों कि पांच सितंबर तक हंस मार्केट से रेहड़ियां हटाई जानी है।
कोट
पार्किंग में जगह खाली पड़ी है उसी का इस्तेमाल किया जा रहा है। जहां तक बाहर स्टॉल संचालकों से रुपये लेने का आरोप है, हम इस संबंध में अधिकारियों को लिखित में दे चुके हैं कि पार्किंग के आगे से रेहड़ियां व स्टॉल हटाई जाएं। ये आरोप गलत है, किसी को रुपये देकर स्टॉल लगाने की क्या जरूरत है। पार्किंग में 12 घंटे बाहर खड़े करने के 20 रुपये और 24 घंटे खड़ा करने के ही 40 रुपये लिए जा रहे हैं।
-राजू, पार्किंग ठेकेदार
कोट
रेहड़ी संचालकों को जगह देने के लिए शहर का सर्वे किया है। दो से तीन जगह देखी है लेकिन अभी फाइनल नहीं हुआ है। थाना रोड स्थित पार्किंग का निरीक्षण किया। यहां पर तय रेट से ज्यादा राशि ली जा रही थी और पार्किंग के अंदर दुकान भी चलती मिली। इसके अलावा बाहर स्टॉल संचालकों ने बताया कि वह यहां लगाने के लिए रुपये तक दे रहे हैं। इसको लेकर मुद्दा उठाया जाएगा। हालांकि पहले अभी रेहड़ी वालों को जगह देना प्राथमिकता है।
-सविता टुटेजा, उप प्रधान नगर परिषद