फतेहाबाद। जिले में मेडिकल नशे की बढ़ती घटनाएं गंभीर चिंता का कारण बन गई हैं। युवा हेरोइन छोड़ मेडिकल नशे की गोलियां और कैप्सूल पानी में घोलकर सिरिंज से इस्तेमाल कर रहे हैं। नशे की ओवरडोज से हो रही मौतों से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रतिया क्षेत्र में हाल ही में 12 घंटे के भीतर दो युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में ओवरडोज की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि किराना दुकानों पर भी नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इससे स्थिति और गंभीर बन रही है।
जिले को दो जोन में बांटा गया है, जहां करीब 950 मेडिकल स्टोर संचालित हैं। इसके बावजूद फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के पास जांच के लिए केवल एक ही ड्रग कंट्रोल ऑफिसर कार्यरत है। हाल ही में जोन दो के ड्रग कंट्रोल ऑफिसर धीरज को सेवा से हटा दिया गया। इससे निगरानी व्यवस्था और कमजोर हो गई है।
- दो जोन में पहले थी दो अधिकारियों की जिम्मेदारी
जिले में दो जोन हैं। इसमें एक फतेहाबाद और दूसरा टोहाना जोन है। फतेहाबाद जोन में फतेहाबाद, भूना और भट्टूकलां शामिल हैं जबकि दूसरे जोन में रतिया, टोहाना और जाखल क्षेत्र शामिल हैं। डीसीओ धीरज के बर्खास्त होने के बाद फतेहाबाद जोन के डीसीओ के पास दूसरे जोन का भी जिम्मा आ गया है।
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रतिया में फरीदाबाद की टीम कर चुकी है चेकिंग
रतिया में पिछले दिनों फरीदाबाद से आए अधिकारियों ने भी चेकिंग की थी। अब शनिवार को फतेहाबाद के डीसीओ ने रतिया में एक मेडिकल स्टोर की जांच की तो वहां काफी अनियमितताएं मिली तो इसे सील किया गया है।
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विभाग की तरफ से लगातार चेकिंग जारी है। मेडिकल स्टोर की नियमित रूप से जांच जारी रहती है। जहां कमी मिलती है नियम अनुसार कार्रवाई भी की जाती है।
- दिनेश कुमार, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर फतेहाबाद।