फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में सुखने के लिए बिछाई गई मूंग की फसल। संवाद
फतेहाबाद। जिले में मूंग की फसल की कटाई का कार्य शुरू हो गया है। मंगलवार को किसान फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में मूंग की फसल लेकर पहुंचे, लेकिन उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल की खरीद नहीं मिली।
सरकार ने मूंग की खरीद एमएसपी पर करने का वायदा किया था, जिसका समर्थन मूल्य 8700 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके बावजूद मंडियों में किसानों को केवल 4500 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल तक ही दाम मिल रहा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि मंडियों में तुरंत एमएसपी पर खरीद शुरू की जाए।
किसान जिले सिंह ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ भूमि पर मूंग की बुवाई की थी। यह फसल मई माह में गेहूं की कटाई के बाद लगाई जाती है और करीब 60 से 70 दिन में तैयार हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को उचित मूल्य मिले, तो यह फसल लाभकारी साबित हो सकती है। साथ ही मूंग की खेती में सिंचाई की आवश्यकता कम होती है, जिससे जल की भी बचत होती है।
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सरकारी भाव 8700 प्रति क्विंटल
सरकार ने इस बार मूंग की फसल का भाव 8700 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन जिले की अनाज मंडियों में किसानों को सिर्फ 4500 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल तक ही भाव मिल रहा है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल 3000 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। सरकार को तुरंत एमएसपी पर खरीद शुरू करनी चाहिए।
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यह है मूंग की फसल में खर्च
बाजार में मूंंग का 250 रुपये किलो के हिसाब से मिलता है। प्रति एकड़ 15 किलो डाला जाता है। मूंग की फसल में पीले पत्ते के रोग का प्रकोप व कीटनाशक दवाओं का 5 से 6 बार छिड़काव किया गया। ऐसे में प्रति एकड़ में करीब 10 हजार रुपये की लागत आई है। जबकि प्रति एकड़ 5 क्विंटल की पैदावार हुई है। ऐसे में किसानों को बहुत कम लाभ मिल रहा है।