महिला मनरेगा मजदूर की मौत के बाद अस्पताल में जमा परिजन। संवाद
टोहाना/समैन। गांव पिरथला में मनरेगा के तहत नहर की पटरी पर काम करते समय एक महिला मजदूर की डूबने से मौत हो गई। साथ में काम कर रहे श्रमिकों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाए।
शनिवार को गांव नांगला निवासी 38 वर्षीय महिला रिंकू गांव पिरथला में नहर पर सफाई का काम कर रही थी। सफाई का कार्य नहरी विभाग द्वारा करवाया जा रहा था। काम के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गई। मौके पर काम करते समय मजदूरों ने उसे बचाने का प्रयास करते हुए नहर में छलांग लगाई और नहर से बाहर निकाल लिया। जिसके बाद महिला को नागरिक अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका के पति सुरजीत ने अपनी पत्नी की मौत का जिम्मेदार नहरी विभाग की लापरवाही को ठहराया है। सुरजीत के अनुसार नहर में बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करवाया जा रहा था। इसी लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हुई। वहीं गांव नांगला के सरपंच हरपाल ने भी नहरी विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सदर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मनरेगा विभाग के एबीपीओ अरुण जिंदल ने कहा कि यह कार्य नहरी विभाग द्वारा करवाया जा रहा है वे ही इसके बारे बता सकते हैं। नहरी विभाग एक्सईएन श्याम ढींगड़ा से जब इस बातचीत करनी चाही तो उनकी ओर से कोई जवाब नही आया है। सदर थाना प्रभारी शादीलाल ने बताया कि गांव पिरथला के पास नहर में डूबने से हुई महिला की मौत के मामले में इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है।