हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना में शनिवार को नगर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर हकीकत जानी। राजकीय महाविद्यालय में लोगों से बातचीत करते हुए मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है। जिला प्रशासन का पूरा अमला पीड़ितों की मदद में जुटा है।
इसके बावजूद यदि पीड़ितों को राहत पहुंचाने में कोई कमी रह गई है तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। उन्होंने जलनिकासी के दौरान बरती गई लापरवाही के कारणों की जांच कर अधिकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। जांच के बाद दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नगर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने डीसी जगदीश शर्मा, जनस्वास्थ्य विभाग के एसई जसवंत सिंह, सिंचाई विभाग के एसई ओमप्रकाश बिश्नोई व अन्य अधिकारियों के साथ शहीद भगत सिंह चौक, टी प्वाइंट, उकलाना-चंडीगढ़ रोड, हिसार रोड, शिवधाम, गोशाला, पुराना बाजार, पुराना व नया बस अड्डा क्षेत्रों का भ्रमण किया।
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इस दौरान भूना के राजकीय महाविद्यालय में लोगों से बातचीत करते हुए मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि प्रशासन व सरकार ने हरसंभव मदद पीड़ितों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे होगा और नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
चेयरपर्सन प्रतिनिधि के सवाल पर मंत्री ने नहीं दिखाई गंभीरता
मंत्री के सामने भूना नगर पालिका की चेयरपर्सन अपर्णा पसरीजा के पति पंकज पसरीजा ने आरोप लगाए कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी 62 करोड़ रुपये खा गए। इसलिए उनका शहर डूबने के कगार पर पहुंच गया। तत्कालीन जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन, एसडीओ और जेई ने नक्शे के अनुसार लाइन डलवाने की बजाय बिना मंजूरी वाले बाहरी एरिया में डलवा दी। इस पर मंत्री ने कोई ज्यादा गंभीरता भरा जवाब नहीं दिया।
जोहड़ की 105 एकड़ भूमि पर कब्जे का भी उठा मुद्दा
मंत्री के सामने राजकुमार नागपाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भूना में करीब 105 एकड़ जोहड़ की भूमि थी। इस पर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते बड़े स्तर पर कब्जा हो गया है। अब मात्र चार एकड़ में जोहड़ की जगह बची है। शहरवासियों को जलभराव के कारण अरबों रुपये का खामियाजा भुगतना पड़ा।
किसानों ने किसान पोर्टल पर फसल ब्योरा साइट चलाने की रखी मांग
किसानों ने मंत्री के समक्ष गुहार लगाई कि किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करने का अंतिम अवसर 24 व 25 सितंबर दिया गया था। मगर, बारिश के कारण किसान पोर्टल पर फसल ब्योरा का रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए। किसानों ने पोर्टल पुन: खुलवा कर किसानों को फसल रजिस्ट्रेशन करवाने का मौका देने की मांग की। लोगों ने शहर में जलभराव के नुकसान का आकलन करवा कर सरकार से स्पेशल पैकेज जल्द जारी करने की मांग की।
कचरा लिफ्टिंग व जोहड़ सफाई की जांच करवाएंगे
शहर में कचरा लिफ्टिंग व तीन तालाबों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये नगरपालिका प्रशासन ने खर्च कर दिए। शहरवासियों ने निकाय मंत्री के सामने आरोप लगाते हुए बताया कि भूना में तीन गंदे पानी निकासी के जोहड़ों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च किए गए, सफाई व खोदाई के नाम पर बिल पास कर दिए गए। धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। शहर में तीन महीने के ट्रायल टेंडर के माध्यम से कचरा लिफ्टिंग का काम हुआ था। टेंडर के मुताबिक ठेकेदार को पौने 13 लाख रुपये दिए जाने थे। मगर, नगरपालिका अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ सांठगांठ करके 43 लाख रुपये दिए। इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने करोड़ रुपये से अधिक राशि के गड़बड़ी के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं।
व्यापारियों ने मंत्री के गेट से लौटने पर जताई नाराजगी
मंत्री कमल गुप्ता जलभराव का निरीक्षण करने अनाज मंडी गेट पर पहुंचे, तो व्यापारी सतपाल सिंगला मंत्री को अनाज मंडी में ले जाकर व्यापारियों की जलभराव से दयनीय हालात से रू-ब-रू करवाना चाहते थे। मगर, मंत्री मंडी के गेट से ही चलते बने। व्यापारी सतपाल सिंगला, सुशील कुमार, विनोद कुमार, महाबीर सिंह, सतीश कुमार, हंसराज व पवन कुमार आदि ने बताया कि अनाज मंडी में जलभराव के बाद हालात बहुत ही दयनीय हैं। हालात को दिखाने के लिए मंत्री को मंडी में ले जाना चाहते थे व्यापारी। मगर, मंत्री ने दुकानदारों व व्यापारियों की भावनाओं को दरकिनार कर दिया। इस पर व्यापारियों ने मंत्री के प्रति नाराजगी जताई।
85 फीसदी क्षेत्र में शुरू हुई बिजली सप्लाई
भूना में आठ दिनों से जलभराव की स्थिति अब दिन-प्रतिदिन सुधर रही है। शहर के 85 फीसदी क्षेत्र में बिजली की सप्लाई शुरू कर दी गई है। भूना से उकलाना सड़क को छोड़कर अन्य सभी मार्गों पर यातायात व्यवस्था बहाल हो गई है। हिसार रोड, मॉडल टाउन, धमीजा कॉलोनी, ढाणी सांचला रोड व चंदननगर में जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर कार्य लगातार चल रहा है।
970 मरीजों की ओपीडी दर्ज
जलभराव के बाद शहर में एलर्जी, खांसी व जुकाम के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भूना सीएचसी के डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि शनिवार को उपचार करवाने आए लोग एलर्जी, खांसी व जुकाम के रोगी पाए गए हैं। सीएचसी के रिकॉर्ड में 970 मरीजों की ओपीडी दर्ज हुई है।
कचरे के उठान व जोहड़ों की सफाई के नाम पर किए गए खर्च, सीवर लाइन डालने, भूना शहर में सफाई व्यवस्था, पानी की निकासी या नागरिकों को राहत देने में लापरवाही की गई है, तो प्रशासन को उसकी जांच कर रिपोर्ट भिजवाने के लिए कहा है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। भारी बारिश के कारण जो नुकसान हुआ है, उसका अधिकारी सर्वे करें ताकि नुकसान का आकलन कर भरपाई के लिए मुआवजा वितरण की कार्रवाई की जा सकें।
-डॉ. कमल गुप्ता, नगर निकाय मंत्री