फतेहाबाद। जिले में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए 14 मई को मेगा मॉक ड्रिल को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसके लिए वित्त सचिव डीके बेहरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रदेश के विभिन्न जिलों की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आपदा के समय वास्तविक स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत एडीसी अनुराग ढालिया की अध्यक्षता में जिलास्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें मॉक ड्रिल के बारे में रणनीति तैयार की गई और इसमें शामिल होने वाली सभी विभागों की भागीदारी व जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। एडीसी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं अचानक उत्पन्न होती हैं इसलिए सभी विभागों को पहले से तैयार रहना बेहद जरूरी है।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नगर परिषद, बिजली निगम तथा आपातकालीन सेवाओं सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे आपसी समन्वय को मजबूत रखते हुए आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित करें।
एडीसी ने अधिकारियों निर्देश दिए गए कि मॉक ड्रिल के दौरान संभावित परिस्थितियों जैसे घग्घर नदी के बैकफ्लो, शहर में जलभराव, भवन क्षति, लोगों के फंसने और राहत एवं बचाव कार्यों की चुनौतियों का वास्तविक रूप से अभ्यास किया जाए। इसके साथ ही राहत शिविरों की स्थापना, घायलों के उपचार, एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता, ट्रैफिक प्रबंधन और संचार व्यवस्था को भी परखा जाएगा।
बैठक में एसडीएम फतेहाबाद राजेश कुमार, एसडीएम रतिया सुरेंद्र सिंह, आरटीए संजय बिश्नोई, डीएसपी संजय कुमार, डीआरओ श्याम लाल, अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ मेजर डॉ. शरद तुली, कार्यकारी अभियंता एनके भोला, डीएफएससी कुशल बूरा, डीडीए डॉ. राजेश सिहाग, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।