फतेहाबाद। जिला मुख्यालय पर घोषणाओं को पूरा करने में भी राजनीति हावी है। मेडिकल कॉलेज के लिए जहां दो महीने में ही जगह अलॉट हो गई है। वहीं नए बस स्टैंड और नागरिक अस्पताल के नए भवन के लिए 16 साल से जिलावासी इंतजार कर रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि बस स्टैंड का नया भवन बने डेढ़ साल की अवधि बीत चुकी है, लेकिन उसे शुरू करने के लिए न अधिकारी गंभीर हैं और न ही राजनेता। वहीं, 200 बेड के नए नागरिक अस्पताल का निर्माण भी कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ है।
अब जनता में यही सवाल है कि घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने में भी भेदभावपूर्ण नीति क्यों अपनाई जा रही है। गौरतलब है कि मार्च 2022 में हरियाणा बजट में फतेहाबाद में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी। इस पर इतनी त्वरित कार्रवाई हुई कि अब तक एचएसवीपी ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के डायरेक्टर को 50 एकड़ भूमि देने की मंजूरी दे दी है। यह भूमि फतेहाबाद के हुडा सेक्टर-5 में है। वहीं 16 साल पहले घोषित हुए 200 बेड के नए नागरिक अस्पताल का निर्माण अब जाकर शुरू हुआ है। सेक्टर-10 में इसकी सात मंजिला बिल्डिंग का निर्माण अप्रैल माह में आरंभ हुआ। 18 एकड़ में बनने वाले इस अस्पताल पर 234 करोड़ रुपये की लागत आएगी। संवाद
2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने की थी नए अस्पताल व नए बस स्टैंड की घोषणा
वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फतेहाबाद की अनाज मंडी के बाहरी शेड के नीचे रैली की थी। इस रैली में जनता की ओर से दो मुख्य मांगें रखी गई थी, जिनमें 200 बेड का नागरिक अस्पताल और नए बस स्टैंड की मांग की गई थी। हुड्डा ने मंजूरी दे दी, लेकिन इन पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद जब 2009 में दोबारा हुड्डा सरकार बनी तो एक बार फिर फतेहाबाद में हुड्डा ने रैली की। उस बार भी उन्होंने इन दोनों परियोजनाओं की घोषणा की। 15 दिसंबर 2016 में पहली बार भाजपा के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी नए बस स्टैंड की घोषणा की। 17 अप्रैल 2017 को हुडा के सेक्टर-5 में नए बस स्टैंड का निर्माण शुरू हुआ। इसका निर्माण 16 जनवरी 2019 तक होना था, लेकिन ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण निर्माण जनवरी 2021 तक पूरा हुआ। इसके बाद भी अभी तक इसका लोकार्पण नहीं हो पाया है।
मेडिकल कॉलेज के लिए दो माह में ही प्रक्रिया सिरे चढ़ाई
मार्च में घोषणा के बाद फतेहाबाद में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सभी विभागों ने मिलकर इसकी रूपरेखा भी तैयार कर ली। डीटीपी ने सेक्टर-5 में 50 एकड़ में मेडिकल कॉलेज का प्रपोजल हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के हिसार प्रशासक को भेजा। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण के चंडीगढ़ स्थित मुख्य प्रशासक ने भी मंजूरी दे देते हुए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर मेडिकल कालेज के लिए बस स्टैंड के पास 50 एकड़ भूमि अलॉट कर दी है।
प्राधिकरण के पास जमा करवाने होंगे 283 करोड़ रुपये
एचएसवीपी ने 50 एकड़ भूमि 14 हजार रुपये वर्ग मीटर की दर से अलॉट की है। इस भूमि के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को 90 दिन के अंदर करीब 283 करोड़ 28 लाख दो हजार रुपये का भुगतान एचएसवीपी को करना होगा। यह सारी राशि एक ही किश्त में देनी होगी। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि भविष्य में किसी अदालत द्वारा इस भूमि के अधिग्रहण पर किसानों को एन्हांसमेंट देने के आदेश आएंगे तो उसका भुगतान भी चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को करना होगा।
कोट
फतेहाबाद में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को 50 एकड़ भूमि अलॉट कर दी गई है। विभाग को 90 दिन में इस जमीन की 283 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि एकमुश्त देने को कहा गया है। आगामी प्रक्रिया उसके बाद ही होगी।
-राजेश खोथ, संपदा अधिकारी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हिसार