गांव पारता में शहीद नरेंद्र सिंह के नाम पर बना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद
समैन। सांसद खेल महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया। इस दौरान टोहाना के गांव पारता के शहीद नरेंद्र सिंह के अपमान के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि उद्घाटन पट पर शहीद का नाम ही नहीं लिखा गया।
गांव पारता में बना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शहीद नरेंद्र सिंह के नाम पर बना है। स्कूल में 4 कमरे, एक शेड व चहारदीवारी का निर्माण हुआ है। शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिले के अन्य विकास कार्यों के साथ ही स्कूल के नवनिर्मित कमरों व चहारदीवारी का उद्घाटन किया था। संबंधित अधिकारी उद्घाटन किए जाने वाले पत्थर पर शहीद नरेंद्र सिंह का नाम लिखवाना ही भूल गए।
शहीद नरेंद्र के परिवार ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अपमानजनक बताते हुए सीएम से संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के मांग की है। उद्घाटन समारोह में राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला भी मुख्यमंत्री के साथ थे। नरेंद्र सिंह 15 दिसंबर 2002 को कारगिल में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे।
क्या बोले शहीद के भाई
शहीद नरेंद्र सिंह के भाई अजय बिश्नोई ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अपमानजनक बताया है। अजय ने कहा कि भाई नरेंद्र सिंह ने देश के लिए अपना बलिदान दिया। उनके परिवार ने सरकार की ओर से शहीदों के नाम पर चलाई जा रही किसी भी योजना का लाभ नहीं लिया, लेकिन जिस तरह से उनका अपमान किया गया है वह बर्दाश्त से बाहर है। शहीद नरेंद्र सिंह की मां कृष्णा देवी व पत्नी सुनीता देवी ने भी प्रशासन की इस चूक को शहीद का अपमान बताया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह पूरा मामला तब हो जब शहीद नरेंद्र की मात्र दो दिन बाद 17 दिसंबर को बरसी है।
गांव पारता में शहीद नरेंद्र सिंह के नाम पर बना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद
गांव पारता में शहीद नरेंद्र सिंह के नाम पर बना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद