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Fatehabad News: रक्षाबंधन से पहले सजा बाजार, रंग-बिरंगी राखियों से बढ़ी रौनक

Wed, 26 Aug 2026 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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शहर के जवाहर चौक में रा​खियों से सजीं दुकानें। 
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फतेहाबाद। शहर में भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व में मात्र एक दिन शेष हैं। त्योहार के नजदीक आते ही बाजार रंग-बिरंगी राखियों से सज गए हैं। हंस मार्केट, जवाहर चौक, भट्टूकलां रोड, बीघड़ रोड, धर्मशाला रोड और चार मरला कालोनी सहित विभिन्न बाजारों में राखियों की दुकानों और स्टालों पर खरीदारी के लिए महिलाओं व युवतियों की भीड़ उमड़ने लगी है। शाम के समय बाजारों में विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है।
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बहनें भाइयों की पसंद के अनुसार राखियां खरीदने में जुटी हैं। दुकानदारों ने भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग डिजाइन और कीमत की राखियां उपलब्ध करवाई हैं। इस बार पारंपरिक राखियों के साथ आधुनिक और नए डिजाइन की राखियों की भी मांग है। बाजार में साधारण धागे से लेकर मोती, स्टोन, रुद्राक्ष, चंदन और विभिन्न सजावटी सामग्रियों से तैयार राखियां उपलब्ध हैं।

कार्टून राखियां बनीं बच्चों की पसंद
बच्चों को आकर्षित करने के लिए दुकानदारों ने विशेष कार्टून राखियों की रेंज रखी है। इन राखियों पर बच्चों के पसंदीदा कार्टून किरदारों के चित्र और आकर्षक डिजाइन बनाए गए हैं। कुछ राखियों में रोशनी सहित अन्य आकर्षक फीचर भी दिए गए हैं। अभिभावक बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इन राखियों की खरीदारी कर रहे हैं। आधुनिक राखियों के साथ पारंपरिक राखियों की मांग भी बनी हुई है। मौली, कलावा और रेशमी धागे से बनी राखियां लोगों को पसंद आ रही हैं। भगवान की तस्वीरों, ओम और स्वास्तिक जैसे धार्मिक प्रतीकों वाली राखियां भी बाजार में उपलब्ध हैं। कई दुकानों पर राखियों के साथ पूजा की थाली और भाइयों के लिए उपहार पैक भी तैयार किए गए हैं।
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पिछले साल से 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़े दाम
हंस मार्केट के दुकानदार सुनील कुमार के अनुसार डिजाइन और गुणवत्ता के आधार पर इस बार राखियों के दाम पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़े हैं। पिछले साल सामान्य राखियां 10 से 30 रुपये में मिल रही थीं, जबकि इस बार उनकी कीमत करीब 15 से 40 रुपये तक है। मोती, स्टोन और सजावटी सामग्री वाली राखियां अब 50 से 100 रुपये के आसपास बिक रही हैं। कार्टून राखियों की कीमत भी डिजाइन के अनुसार 60 से 120 रुपये तक पहुंच गई है। दुकानदारों का कहना है कि सजावटी सामग्री, पैकेजिंग और परिवहन लागत बढ़ने के कारण कीमतों में वृद्धि हुई है। हालांकि बाजार में हर बजट के अनुसार राखियां उपलब्ध हैं।

चीन निर्मित राखियों की उपलब्धता घटी
इस बार बाजार में देसी राखियों की मांग भी बढ़ी है। दुकानदार पकंज, हितेन व आशू के अनुसार चीन निर्मित राखियों की उपलब्धता लगभग न के बराबर है और उनकी जगह भारतीय निर्माताओं व स्थानीय स्तर पर तैयार राखियों ने ले ली है। दुकानदार रमेश शर्मा के अनुसार ग्राहक अब भारतीय राखियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। रक्षाबंधन के नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारी बढ़ने से व्यापारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
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