चंडीगढ़ रोड चौकी पुलिस की टीम ने गांव सिंबलवाला में आटा चक्की से नकदी चोरी के मामले में चौथे आरोपी राजनगर निवासी अमित को काबू किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयोग की राड को भी बरामद कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया। आरोपी ने पूछताछ में कहा कि नशे की लत ने उसे चोर बना दिया। वहीं आरोपी के खिलाफ जींद के नरवाना और पंजाब के मूनक से लगभग 70 तोले सोना और लाखों की नकदी चोरी का भी मामला दर्ज है।
जानकारी अनुसार 26 जनवरी को गांव सिंबलवाला निवासी राजेंद्र ने पुलिस को शिकायत दी थी कि चोरों ने उसकी दुकान का ताला तोड़कर गल्ले में रखी 3500 नकदी व कागजात चोरी कर ले गए। पुलिस की टीम ने एसआई साधुराम के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए राजनगर निवासी मोनू, सोनू व गोबिंदा को काबू कर लिया था तथा चौथा आरोपी राजनगर निवासी अमित फरार था। शनिवार को देर रात्रि पुलिस टीम ने फरार चल रहे आरोपी अमित को उसके घर से काबू कर लिया तथा उसके कब्जे से वारदात में प्रयोग की राड को बरामद कर लिया।
डीएसपी उमेद सिंह ने बताया कि आरोपी अमित उर्फ तोता हरियाणा व पंजाब की अनेक वारदातों में शामिल रहा है। आरोपी से पूछताछ करने पर उसने बताया कि जनवरी महीने में नरवाना अनाज मंडी की आठ दुकानों के ताले तोड़कर नकदी चोरी, नरवाना में शास्त्री अध्यापक के घर से 25 तोले सोना व 60 हजार नकदी चोरी, पंजाब के मूनक में मकान से 40 तोले सोना, एक लाख दस हजार की नकदी चोरी सहित मनियाना के गुरुद्वारे व मूनक में एक मंदिर से दानपात्र चोरी करने की वारदात को स्वीकार किया है।
वहीं डीएसपी उमेद सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अनेक जगहों पर चोरी के मामले दर्ज हैं जिनमें वह सजायाफ्ता है। डीएसपी ने बताया कि आरोपी को पानीपत में रेल में डकैती करने के मामले में सेशन कोर्ट से 8 साल की सजा हुई है जिसमें हाईकोर्ट से जमानत पर है।
2009 से नशे की लत से बना चोर
जांच अधिकारी एसआई साधुराम ने बताया कि आरोपी 28 वर्षीय अमित कुमार 8वीं पास है तथा उसका एक भाई व बहन है। उसने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने 2009 में नशे की लत व गलत संगत के कारण चोरियों की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि आरोपी के पास खुद के तीन मकान भी है। आरोपी जहां भी चोरी करता वहां राड से ताला तोड़कर वारदात को अंजाम देता था।