फतेहाबाद। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह की अदालत ने शहर की प्रमुख ऑटो मोबाइल कंपनी मांझू होंडा से जालसाजी करके बाइक चोरी करने के मामले में कंपनी के पूर्व कर्मचारी जितेंद्र को पांच साल की कैद व 7500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस मामले में फतेहाबाद शहर पुलिस ने 24 दिसंबर 2015 को मांझू होंडा के मालिक संजय कुमार की शिकायत पर उनके शोरूम में काम करने वाले जितेंद्र निवासी इंद्रपुरा मोहल्ला के खिलाफ भादंसं की धारा 380, 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में संजय कुमार ने बताया था कि उनकी फर्म में आरोपी जितेंद्र सिंह पहले से कार्य करता था। उसे केस दर्ज होने से करीब छह माह पहले नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद जब उन्होंने स्टॉक चेक किया तो पता चला कि शोरूम से होंडा शाइन बाइक कम मिला। उन्होंने जब स्टाफ से पूछताछ की तो उन्होंने अनभिज्ञता जारी की। इसके बाद उन्होंने ई-दिशा केंद्र में जाकर होंडा साइन की चेसिस नंबर व इंजन नंबर के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाही तो ई-दिशा केंद्र में चेसिस नंबर ट्रेस नहीं हो पाया। बाद में पता चला कि जितेंद्र्र सिंह ने इस बाइक के चेसिस नंबर को बदल दिया था और बाइक का रजिस्ट्रेशन करवा लिया। आरोपी ने ऑनलाइन फर्जी पासिंग भी फर्जी चेसिस नंबर डालकर करवा ली, जिसे प्रार्थी फर्म का स्टाफ ट्रेस नहीं कर पाया और दोषी ने इस मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन अपने नाम प्राप्त कर लिया।