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Fatehabad News: तीन साल बाद भी नहीं चलीं लोकल बसें, लोग परेशान

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शहर के पुराना बस स्टैंड के बाहर खड़े ई-रिक्थ्शा। संवाद
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फतेहाबाद। तीन साल का समय बीत जाने के बाद भी शहर के पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक रोडवेज अधिकारी लोकल बस सेवा शुरू नहीं कर पाएं। जिस कारण यात्रियों पर आर्थिक भार पड़ने के साथ साथ काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ता है।
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साल 2022 के सितंबर माह में शहर का बस स्टैंड हिसार रोड पर बने नए बस स्टैंड पर शिफ्ट हो गया है, शहर में बसों के कारण जाम न लगे इसको लेकर सुबह 7 से शाम 7 बजे तक सभी बसों को बाईपास से होकर जाने के निर्देश भी रोडवेज की ओर से जारी किए गए है। बसों के बाईपास जाने के कारण दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम आदि जैसे लंबे रूट पर जाने वाली सवारियों को दिन के समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन लाेगों को पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक जाने के लिए ऑटो या ई-रिक्शा के सहारे रहना पड़ता है। ऑटो या ई-रिक्शा चालक पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक जाने के लिए किराये को लेकर मनमानी कर रहे हैं। हालांकि रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि जिला मुख्यालय से ग्रामीण रूट या रतिया, भूना जाने वाली सभी बसें पुराना बस स्टैंड व नए बस स्टैंड दोनों जगहों से यात्रियों को बैठाते व छोड़ते हैं।
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10 रुपये की बोल वसूलते हैं 20 रुपये किराया

- पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड तक लोकल बस सेवा नहीं होने के कारण सवारियों को नए बस स्टैंड जाने के लिए ऑटो या ई-रिक्शा का सहारा ही लेना पड़ता है। इस दौरान ऑटो व ई-रिक्शा चालक गैर समय में यात्रियों से मनमर्जी के रेट वसूलते हैं। बस में पुराना बस स्टैंड से नए बस स्टैंड का किराया मात्र 5 रुपये है, लेकिन ऑटो चालक 20 रुपये वसूलते हैं। पीडि़त रविंद्र, नछतर गिल, आत्माराम आदि ने बताया कि ये ऑटो व ई-रिक्शा संचालक नए बस स्टैंड से पुराना बस स्टैंड तक सवारियों को 10 प्रति कहकर बैठा लेते हैं। उसके बाद जब सवारी गंतव्य पर पहुंचता है उससे बीस रुपये वसूलते हैं। जब विरोध किया जाता है तो लड़ाई करने पर उतारू हो जाते हैं।
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