फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की अदालत ने हत्या मामले की सुनवाई करते हुए युवक को दोषी करार दिया है। अदालत ने गगनदीप उर्फ सिंगा निवासी संगरूर को उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जबकि इस मामले में दो अन्य आरोपियों हैप्पी उर्फ राजू व चमकौर सिंह निवासी संगरूर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इस मामले में जाखल थाना पुलिस ने 6 नवंबर 2021 को अमृतपाल कौर निवासी जाखल की शिकायत पर गगनदीप उर्फ सिंगा, हैप्पी उर्फ राजू व चमकौर सिंह निवासी संगरूर के खिलाफ 302, 449, व 120बी के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में अमृत पाल कौर ने बताया था कि उसकी बड़ी बहन मनजीत कौर का अपने पति के साथ झगड़ा रहता था। करीब दो महीने पहले वह अपने पति से झगड़ा होने पर मेरे पास रहने आई थी। बहन मनजीत मेरे पास आने पर करीब एक महीने से रेलवे रोड जाखल मंडी में एक दुकान पर सिलाई का काम करती थी।
6 नवंबर 2021 को भी रोजाना की तरह करीब 8 बजे सुबह सिलाई का काम करने के लिए वह नीटू की दुकान पर चली गई थी जो शाम को 4 बजे वापस आ गई थी। मैं मेरी बहन मनजीत कौर के साथ चाय पीने क्वार्टर में आई थी। करीब एक घंटे रुक कर चाय पीकर मैं चली गई थी। बहन मनजीत कौर खाना बनाने के लिए मेरे क्वार्टर पर रह गई थी। करीब 6 बजे खाना खाने के लिए मैं जब क्वार्टर पर आई तो देखा कि मेरी बहन रसोई में लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी और उसके सिर से काफी खून निकल रहा था।
मनजीत को जब हिला कर देखा तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद वारदात की सूचना पुलिस को दी गई। इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान गगनदीप उर्फ सिंगा निवासी संगरूर को गिरफ्तार किया था। गगनदीप ने पूछताछ में बताया था कि उसके मनजीत कौर के साथ अवैध संबंध थे। मनजीत कौर ने गगनदीप का रिश्ता तुड़वा दिया था। इसी रंजिश में उसने मनजीत कौर की हत्या कर दी। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गगनदीप को दोषी माना और उसे उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।