फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की अदालत ने पत्नी व बच्चों की हत्या करने के आरोपी गांव भुंदड़वास निवासी कुलविंद्र सिंह उर्फ काला को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में सदर थाना रतिया पुलिस ने 7 दिसंबर 2019 को पंजाब के पटियाला निवासी कुलदीप सिंह की शिकायत पर कुलविंद्र सिंह के खिलाफ धारा 323, 302 के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में कुलदीप सिंह ने बताया था कि उसकी भांजी प्रीति की शादी सात साल पहले कुलविंद्र सिंह उर्फ काला सिंह के साथ हुई थी, जिसके एक दो वर्षीय लड़का कमल व एक लड़की छह वर्षीय जसमीत उर्फ गुगनी थे। 7 दिसंबर 2019 को सुबह सूचना मिली कि उसकी भांजी प्रीति व उसका पति काला अपने बच्चों जसमीत व कमल के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेरी बहन सुनीता रानी को मिलने बुढ़लाडा पंजाब जा रहे थे। गांव रोजावाली से निकलते ही एक्सीडेंट हो गया।
सूचना पाकर जब वह मौके पर पहुंचा तो भांजी प्रीति व उसके बेटे कमल की मौत हो चुकी थी और काला सिंह व उसकी बेटी जसमीत को इलाज के लिए अग्रोहा हिसार रेफर कर दिया था। जब मेडिकल कॉलेज अग्रोहा पहुंचा तो जसमीत की भी मौत हो चुकी थी और काला सिंह चोट लगने से बोल नहीं पा रहा था। कुलदीप सिंह ने शक जताया था कि तीनों के शव देखकर लग नहीं रहा था कि इनकी मौत हादसे में हुई है, बल्कि इनकी हत्या की गई है। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुलविंद्र सिंह उर्फ काला सिंह पर शक होने के बाद 11 दिसंबर 2019 को गिरफ्तार किया।
पत्नी के व्यवहार से था परेशान
पुलिस पूछताछ में कुलविंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी प्रीति के व्यवहार से काफी परेशान था। जिसके चलते दोनों के बीच झगड़ा होना शुरू हो गया। 6 दिसंबर 2019 को उसका पत्नी के साथ इन्ही बातों को लेकर झगड़ा हुआ था। अगले दिन वह पत्नी और बच्चों को छोड़ने उसके मायके जा रहा था। गांव रोजावाली से निकलते ही रास्ते में उसकी व उसकी पत्नी की आपस में फिर कहासुनी हो गई। इसके बाद लोहे की पाइप से उसने पत्नी पर वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने सोचा कि कहीं बच्चे किसी को कुछ बता ना दें, जिसके बाद बच्चों पर भी लोहे की पाइप से वार कर दिया। उसके बाद वारदात को एक्सीडेंट बनाने की सोची और बाइक की हेडलाइट व बाइक पाइप से तोड़ दी।