भूना। ढाणी गोपाल गांव के ग्रामीण को भूना शहर की सड़क पर गोवंश को खुला छोड़कर जाना महंगा पड़ गया। नगरपालिका भूना की चेयरपर्सन ने पंचायती तौर पर ग्रामीण से 21 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है। वहीं, चेयरपर्सन ने भूना को बेसहारा पशु मुक्त शहर घोषित करने का दावा किया।
नगरपालिका चेयरपर्सन अपर्णा पंकज पसरीजा ने बताया कि बेसहारा पशु मुक्त शहर बनाने के लिए पिछले कई महीनों से नगरपालिका काम कर रही थी। नगरपालिका की टीम ने शहर से 171 गाय व 371 गोवंश को पकड़ कर नंदीशाला व गोशाला में पहुंचाया है। पिछले सप्ताह ढाणी गोपाल के एक व्यक्ति द्वारा गाय को सड़क पर बेसहारा छोड़ने के मामले में पुलिस में शिकायत दी गई थी। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए घरेलू गाय को सड़क पर खुले में छोड़ने के आरोपी ने पंचायती तौर पर मामले को निपटाने के प्रयास किए। इसके चलते सोमवार को उनकी मौजूदगी में गाय को भूना शहर में छोड़ने वाले व्यक्ति पर 21 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया। इस राशि को गोशाला में दान स्वरूप दिलवा दिया गया है।
किसी और ने भी छोड़ा तो लगेगा जुर्माना
चेयरपर्सन ने आसपास के गांवों के लोगों से आग्रह किया कि कोई भी गोवंश को भूना में बेसहारा न छोड़कर जाए। अगर कोई छोड़ता हुआ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ 21 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगेगा। कोई भी किसी भी गांव से लोग घरेलू या बेसहारा पशु को नंदीशाला या गोशाला में छोड़ने आते हैं, तो उसकी पहले रसीद लेकर जाएं। फिर गाड़ी या ट्रैक्टर ट्राली में मवेशी लेकर आएं। बिना रसीद गोवंश के साथ पकड़े जाने पर उनके खिलाफ भी नगरपालिका कार्रवाई करेगी। अगर शहर में मवेशी दिखाई दे तो उसकी फोटो खींचकर हमें भेजेंगे तो इस पर अमल होगा और 24 घंटे में वह पशु सड़कों पर दिखाई नहीं देगा। इसके बाद संबंधित गोवंश के शहर में होने की फोटो कोई डालेगा तो उसे 1100 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
अधिकारी बोलीं
पार्षदों व गण्यमान्य व्यक्तियों के बीच सोमवार को पंचायती बैठक हुई थी। एक सप्ताह पहले आधुनिक रूप से सार्वजनिक एवं आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी गई थी कि शहर में कोई भी व्यक्ति गोवंश खुले में नहीं छोड़कर जाएगा। इसके बावजूद गांव ढाणी गोपाल का व्यक्ति उकलाना रोड पर सड़क किनारे मवेशी का रस्सा निकालकर भाग गया था। पुलिस में शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता के तहत कार्रवाई की मांग की थी। मगर पंचायती तौर पर 21 हजार का जुर्माना भरा है। यह दूसरे लोगों के लिए सीख है।
अपर्णा पंकज पसरीजा, चेयरपर्सन, भूना नगरपालिका