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एक घंटा तक चला जिंदगी और मौत का खेल

Sun, 22 Jun 2014 11:41 PM IST
fatehabad
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 रेलवे स्टेशन पर तलवाड़ा रोड फाटक पर रेलवे प्रशासन की लापरवाही से एक घंटे तक जिंदगी व मौत के बीच खेल चलता रहा। अपराह्न करीब साढ़े 3 बजे से लेकर साढ़े 4 बजे तक लगातार बंद रहे रेलवे फाटक से जहां सैकड़ों लोग अपने वाहनों समेत फाटकों के दोनों ओर फंसे रहे, वहीं फाटक के लॉक अपने आप खुलते-बंद होते रहे। इससे वाहन चालक फाटक को अपने हाथों से गिराते-उठाते रहे। जबकि कई लोग फाटक के नीचे से गुजरते हुए अपनी जान जोखिम में डालते रहे। तीन ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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 तलवाड़ा रोड फाटक रविवार अपराह्न करीब एक घंटा लगातार बंद रहा। फाटक के बंद रहने से सैकड़ों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रविवार को करीब साढ़े 3 बजे हिसार से लुधियाना जाने वाली ट्रेन के लिए फाटक को बंद किया गया था। लेकिन 15 मिनट के बाद ट्रेन गुजर जाने के बाद फाटक के दोनों ओर खड़े वाहन चालक यहां से गुजरने के लिए तैयार हुए। करीब 5 मिनट के बाद भी जब फाटक नहीं खुला तो वाहन चालकों ने वाहन बंद कर फाटक के नीचे से गुजरना शुरू कर दिया।
 काफी देर के बाद गुजरे एक ट्रेन के इंजन के बाद फिर से कतार में जमा दर्जनों वाहन गुजरने के लिए स्टार्ट हुए लेकिन इस बार भी फिर वैसा हुआ जैसा पहले हुआ। काफी देर के बाद फिर से फाटक नहीं खुला तो वाहन चालक परेशान हो गए। वहीं इसी दौरान कुछ वाहन चालकों ने फाटक को हाथ से ही उठा डाला। बस फिर क्या था देखते ही देखते फाटक के एक ओर के वाहन चालकों में गुजरने के लिए अफरा तफरी मच गई, लेकिन दूसरी ओर से लगे फाटक के लॉक नहीं खुले तो दोनों ओर के वाहन आमने सामने खड़े हो गए।
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इसी बीच बंाद्रा टर्मिनल से जम्मूतवी जाने वाली ट्रेन भी स्टेशन पर पहुंच गई, जबकि फाटक को उसी तरह से बंद रखा गया। काफी देर के बाद फाटक नहीं खुला तो वाहन चालक रेलवे अधिकारियों को कोसते नजर आए। इसी दौरान जब ट्रेन चलकर फाटक से गुजरने लगी तो चालक ने दूर से ट्रेन की ओर दौड़ कर आ रहे यात्रियों के लिए फाटक पर ही ट्रेन को रोक दिया। जिससे यात्री ट्रेन में सवार हुए तो ट्रेन को आगे बढ़ाया गया।
 जिसके बाद फाटक को खोला गया। कई लोगों ने रेलवे अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना था कि लगातार फाटक बंद रहने व फाटक के लॉक अपने आप खुलने से कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। जबकि अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

कोट
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आरपीएफ इंस्पेक्टर सतपाल मलिक ने कहा कि फाटक के नीचे से गुजरना कानूनन अपराध है। लेकिन फाटक के लॉक का अपने आप खुलना विभागीय अनदेखी है। इस बारे में कोई शिकायत मिलती है तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी।
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