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विधायक के आवास के बाहर कुम्हारिया के ग्रामीणों ने डाला डेरा, पांच घंटे चला हंगामा

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विधायक दुड़ाराम के घर के बाहर धरना देकर प्रदर्शन करते गांव कुम्हारिया के ग्रामीण। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक दुड़ाराम के पूर्व चालक सुभाष टोपी ने कुम्हारिया के ग्रामीणों के साथ शुक्रवार को विधायक के पीए और उनके दो सहयोगियों पर नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक आवास के बाहर पांच घंटे धरना दिया और विधायक पर तीखे प्रहार किए। प्रदर्शनकारियों ने विवाद पर विराम लगाने के लिए दो बार विधायक ने पहल की, लेकिन वार्ता सिरे नहीं चढ़ सकी।
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करीब डेढ़ महीने पहले 23 जुलाई को विधायक के तत्कालीन चालक सुभाष टोपी ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की थी। सुभाष ने एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल कर आरोप लगाए थे कि विधायक के पीए राजबीर, उसके दो सहयोगी संदीप बिसला व सतबीर ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे लाखों रुपये हड़प लिए। हालांकि, 26 जुलाई को पुलिस को दिए गए बयान में सुभाष इन आरोपों से पलट गया था। पत्र को भी खुद का नहीं बताया था। शुक्रवार को कुम्हारिया के ग्रामीणों के साथ सुभाष ने विधायक आवास के बाहर धरना प्रदर्शन कर रुपये वापस दिलाने की मांग की। ग्रामीणों के चल रहे धरने के बीच विधायक दुड़ाराम ने सुभाष से बात की। सुभाष ने विधायक से कहा कि मैं तो मरकर बचा हूं। आप अस्पताल में चार बार मेरे से मिलने आए। मगर, अब दो महीने हो गए, एक दिन भी नहीं पूछा कि क्या दिक्कत है। मैं 15 साल तक आपका ड्राइवर रहा हूं। सुभाष ने आरोप लगाए कि अपने पीए राजबीर को बचाने के लिए अस्पताल में चक्कर काटते रहे।
सुभाष बोला, विधायक ने दबाव बनाकर पलटवा दिए थे बयान
धरनास्थल पर हुई सभा में सुभाष टोपी ने कहा कि उससे विधायक के पीए ने 85 लाख रुपये लिए हैं, जो अलग-अलग लोगों से लेकर उसने नौकरी दिलाने के नाम पर दिए थे। मगर, किसी की भी नौकरी नहीं लगी। सुभाष ने कहा कि जब वह अस्पताल में था तो विधायक ने उस पर दबाव डालकर बयान पलटवा दिया था।
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डीएसपी के नेतृत्व में तैनात रहा पुलिस बल
विधायक के आवास पर धरना-प्रदर्शन के चलते डीएसपी सुभाषचंद्र के नेतृत्व में फोर्स ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। विधायक के घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई है। डीएसपी ने ग्रामीणों से बातचीत कर धरना समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
विधायक ने तैश में बोला, आप तरीके से बोलो मेरे से....
प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए विधायक अपने घर के बाहर आए। उनके बाहर आते ही पूर्व चालक सुभाष की पत्नी सुनीता ने विधायक से सवाल-जवाब शुरू कर दिए। इस पर विधायक तैश में आ गए और कहा कि आप तरीके से बोलो मेरे से। इतना कहते ही लोगों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद भी विधायक दुड़ाराम और उनके भाई द्वारका प्रसाद उनकी बात सुनने के लिए आगे आए तो लोग मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। इसके बाद विधायक वापस घर के अंदर चले गए।
बेसुध हो गई पत्नी, बुलाई गई एंबुलेंस
धरने के दौरान सुभाष की पत्नी सुनीता बेसुध हो गई। गांव की अन्य महिलाओं ने उसे संभाला और पानी पिलाया। बाद में एंबुलेंस में आए स्वास्थ्यकर्मी ने सुनीता का ब्लड प्रेशर चेक किया। स्थिति में सुधार होने के कारण सुनीता एंबुलेंस में अस्पताल जाने के बजाय धरनास्थल पर ही डटी रही। वहीं पूर्व चालक सुभाष के चचेरे भाई साहिलदीप सिंह ने कहा कि परिजनों व ग्रामीणों की यही मांग है कि पुलिस प्रशासन विधायक के पीए राजबीर के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार करें।
कोट
अगर सुभाष ने किसी को पैसे दे रखे हैं, तो उसे पैसे वापस मिलने चाहिए। अगर उसके आरोप झूठे हैं, तो सुभाष पर कार्रवाई होनी चाहिए।मैंने कहा है कि सुभाष इस संबंध में एसपी को शिकायत दें। मैं खुद भी एसपी से मामले की सीनियर अधिकारियों से जांच करवाने को कहूंगा।
-दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद
भ्रष्टाचार में फतेहाबाद विधायक ने कर रखी पीएचडी
फतेहाबाद के विधायक ने तो भ्रष्टाचार में पीएचडी कर रखी है। मुख्यमंत्री से मांग है कि विधायक को भाजपा से निष्कासित करवाएं। अगर ऐसा नहीं होता है तो यही लगेगा कि भाजपा भ्रष्टाचारियों की शरणस्थली बन गई है। मेरी एसपी से भी मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएं।
-बलवान दौलतपुरिया, पूर्व विधायक एवं कांग्रेसी नेता
ड्राइवर प्रूफ लिए बैठा है, पुलिस जांच करवाएं
विधायक के ड्राइवर ने सारी पोल खोलकर रख दी है। पूरा गांव धरना देने आया है, कोई ऐसे ही धूप में धरना देने नहीं आता। विधायक को हड़पा हुआ पैसा दिलाना चाहिए। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करवाएं।
-बलविंद्र सिंह कैरों, जिलाध्यक्ष, इनेलो
मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएं सीएम
एक मौजूदा विधायक के घर के बाहर धरना लगे तो यह साबित करता है कि भ्रष्टाचार किस स्तर पर फैला हुआ है। मेरी मुख्यमंत्री से मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पीए व चालक बिना विधायक की शह के ऐसे काम नहीं कर सकते।
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- अमित पूनिया, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस सेवादल
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