फतेहाबाद। जिले में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ ही जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आजाद समाज पार्टी (आसपा) के गठबंधन का कोई असर नहीं दिखा।
इन दोनों गठबंधनों के तीनों प्रत्याशी एक भी सीट पर अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। विशेष बात यह है कि इनेलो-बसपा से फतेहाबाद सीट से चौटाला परिवार की बहू सुनैना चौटाला और टोहाना से इसी परिवार के दोहते कुनाल कर्ण चुनाव लड़ रहे थे। दोनों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने भी चुनाव प्रचार किया था। इसके बावजूद फतेहाबाद और टोहाना में इनेलो-बसपा प्रत्याशी दस हजार का आंकड़ा भी नहीं छू सके। टोहाना में कुनाल को 9,773 जबकि फतेहाबाद में सुनैना को 9,681 वोट ही मिल सके।
वहीं, रतिया सीट से इनेलो-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी रहे पूर्व खेल मंत्री रामसरूप रामा ने छठी बार चुनाव लड़ा था, लेकिन वह अपनी जमानत भी नहीं बचा सके।