मंगलवार का दिन जिले में पिछले कई दिनों से जाट आंदोलन के समाप्ति का संदेश लेकर आया। जिले के जिन भी गांवों में जाम लगाए गए थे, मंगलवार को जाट आंदोलनकारियों ने उन सभी गांवों से जाम उठा दिया।
इतना ही नहीं, टोहाना के कालवन और भट्टूमंडी के रेलवे ट्रैक पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने भी अपने आंदोलन को समाप्त करने का एलान कर दिया। भट्टू मंडी में जहां सोमवार देर रात एसपी ओपी नरवाल ने जाट प्रदर्शनकारियों को समझाबुझाकर जाम खुलवाया, वहीं टोहाना के कालवन गांव में पिछले चार दिनों से रेलवे ट्रैक जाम किए बैठे जाट प्रदर्शनकारियों ने भी महापंचायत के बाद ट्रैक से हटने की घोषणा की।
इन गांवों से हटा जाम
भूना के गांव ढाणी गोपाल, नहला और लहरियां आदि गांवों में प्रदेश सरकार के आश्वासन के बाद भी जाट आंदोलन जारी था। इतना ही नहीं, इन गांवों में जाट प्रदर्शनकारियों ने आश्वासन के बावजूद सड़कों से जाम नहीं हटाया था। इसी तरह टोहाना ब्लॉक के कन्हेड़ी, डांगरा, समैण आदि गांवों में भी प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। मंगलवार को जाट नेताओं से उनकी बात होते ही उन्होंने जाम खोल दिए।
पांच दिन बाद सुनाई दी इंजन की सीटी
भट्टूकलां। जाट आरक्षण आंदोलन के शांत होने पर मंगलवार को रेलवे ट्रैक पर ट्रायल रेलगाड़ी का इंजन चलाया गया। यहां सोमवार रात को जाटों ने अपना पड़ाव उठा लिया। मंगलवार पौने पांच बजे हिसार से चलकर सिरसा जाने के लिए ट्रायल इंजन चलाया गया।
करीब पांच दिनों के बाद भट्टूकलां में रेल के इंजन की सीटी सुनाई दी। स्टेशन मास्टर नरेंद्र ने बताया कि रेल का इंजन ट्रायल के तौर पर चलाया गया है। इसके बाद एक मालगाड़ी चलाई जाएगी और फिर सवारी गाड़ी चलाई जाएगी। भट्टू क्षेत्र के सभी रोड खुलने के बाद कई रूटों पर हरियाणा रोडवेज व प्राइवेट बसें चलाई गईं।