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Fatehabad News: बाढ़ में बही हरियाली लाने में लगेंगे सात माह

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फतेहाबाद बाढ़ का पानी जमा होने से डुबे हाईवे के किनारे लगे पौधे।
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फतेहाबाद। फतेहाबाद में आई बाढ़ के कारण गांवों में वन विभाग द्वारा लगाए गए करीब दो लाख पौधे पानी के साथ बह गए थे। फिलहाल इन पौधों की जगह नए पौधे लगाने में करीब सात माह का समय लगेगा। आगे सर्दी का मौसम है और विभाग के अनुसार, सर्दी में पौधा सही तरीके से नहीं पनप पाता। फरवरी माह में ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में पौधरोपण कार्य का शुरू किया जाएगा।
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ज्ञात रहे कि घग्गर नदी के कारण 12 जुलाई को बाढ़ आ गई थी। जाखल के बाद, टोहाना, कुलां, रतिया व फतेहाबाद में बाढ़ ने प्रचंड रूप दिखाया था। मानसून सीजन को देखते हुए वन विभाग ने सभी गांवों व सड़कों पर चार जून से पौधरोपण कार्य शुरू कर दिया गया था। विभाग की ओर से इस साल सात लाख 20 हजार पौधों को लगाया जाना था। इनमें करीब दो लाख पौधे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में भी लगाए गए थे। लेकिन फतेहाबाद में आई बाढ़ के कारण इन गांवों में सात से आठ फुट तक पानी आ गया और नहर किनारों से लेकर, सड़कों व खेतों में लगाए गए पौधे पानी के साथ बह गए।

बाढ़ग्रस्त इलाकों में लगे थे, इतने पौधे
फतेहाबाद में जाखल, रतिया, टोहाना व फतेहाबाद क्षेत्र में किसानों ने अपने खेतों में एक लाख 50 हजार सफेदे व 50 हजार अन्य छायेदार पौधे लगाए थे, जो बाढ़ के कारण बह गए। सफेदे के दो-दो फुट के लगाए गए पौधे भी पूरी तरह से जलमग्न हो गए। बाढ़ के कारण जिले में 118 गांव प्रभावित हुए हैं।
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कोट
जिले में आई बाढ़ के कारण इस बार बाढ़ ग्रस्त गांवों में दो लाख पौधे बह गए हैं। इनकी जगह अन्य पौधे लगाने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। आगे सर्दी का मौसम है तो पौधे नहीं लगाए जा सकते। फरवरी माह में ही पौधे लगाने का कार्य आरंभ किया जाएगा, क्योंकि सर्दी में पौधे पनप नहीं पाते हैं।
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-राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
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