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अंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह गिरफ्तार

Tue, 26 May 2015 02:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
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जिले में हुई भैंस चोरी की वारदातों के बाद जिला पुलिस द्वारा बनाए गए स्पेशल सीआईए सेल ने एक अंतर्राज्यीय भैंस चोर गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
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गिरोह को सीआईए ने समैन में टोहाना रोड से पकड़ा। जहां सभी एक और चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। इस दौरान गिरोह ने सीआईए स्टाफ पर हमला करने का भी प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे।

गिरोह ने फतेहाबाद में भैंस चोरी की 22 घटनाएं कबूली हैं। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस कोर्ट से रिमांड पर लेकर अन्य गिरोह के बारे में पता लगाएगी।
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पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया ने सोमवार को बताया कि फतेहाबाद पुलिस की सीआईए शाखा ने डीएसपी शमशेर सिंह दहिया के नेतृत्व में सीआईए के स्पेशल सेल का गठन किया था। जिन्हें पशु चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ने की जिम्मेदारी दी थी।

समैन के टोहाना रोड पर मांगेराम उर्फ राजू निवासी बीकानेर हाल आबाद गांव दैयड़, साधुराम निवासी चंदन नगर भूना तथा जगदीश निवासी भट्टूकलां भैंस चोरी की योजना बना रहे थे।

इसी दौरान सीआईए टीम को इन लोगों पर शक हुआ। जब टीम ने उक्त लोगों को काबू करने का प्रयास किया तो गिरोह के सदस्यों ने पुलिस पर हमला कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने मामूली भिड़ंत के बाद गिरोह के सभी सदस्यों को काबू कर लिया।

टीम ने मौके से उक्त लोगों के पास से लोहे की रॉड, एक अवैध पिस्टल, दस हजार रुपये की नगदी बरामद की। पूछताछ के दौरान गिरोह ने 22 चोरी की वारदातों को कबूल किया है। पुलिस ने पशु चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 
कमीशन लेकर भैंसो को बेच जाता था यूपी
एसपी संगीता कालिया ने बताया कि भैंस चोर के पकड़े गए गिरोह के सदस्यों का संपर्क पंजाब के बुढलाडा क्षेत्र में सक्रिय पशु चोरों व शामली यूपी में चोरी के पशु खरीदने वाले गिरोह से है।

उन्होंने बताया कि चोर भैंस चोरी करने के बाद कैंटर के माध्यम से कैथल, यमुनानगर होते हुए यूपी के शामली में पहुंचते थे जहां इन भैंसों को बेंच दिया जाता था।

गिरोह का मास्टर माइंड मांगेराम है, जो अन्य सदस्यों को भैंस चोरी करने के साथ अन्य ट्रेनिंग देता था। चोरी के बदले सदस्यों को दो से तीन हजार रुपये का कमीशन दिया जाता था।

गांव में छुहारा, बादाम बेचकर करते थे जासूसी
भैंस चोरी की घटना को अंजाम देने से पहले पकडे़ गए गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वह पहले गांव में मैथी, छुहारे, बादाम आदि बेचने के लिए फेरी लगाते और इस दौरान पता लगाते कि गांव में किस जगह दुधारु भैंसें है।

इस दरमियान वे चोरी करने के रास्ते भी ढूंढ निकालते थे। जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया जाता था। सदस्यों ने बताया कि फतेहाबाद से चुराई गई ज्यादातर भैंसों को स्लाटर हाउस ले जाकर काट दिया गया है।
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