सुरेन्द्र असीजा। किसानों को लिए यह खुशखबरी है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू हो गई है। हरियाणा सरकार ने इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इसके तहत किसान बीमा के दायरे में आने वाली फसलों का बीमा करवा सकते हैं। बीमा की प्रीमियम राशि भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है। बीमा के दायरे में रबी और खरीफ की सभी प्रमुख फसलें आएंगी। इसके लिए आईसीआईसीआई लोम्हार्ड से करार किया गया है। किसान बैंकों के माध्यम से अपना बीमा करवा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने 13 जनवरी को किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करने की घोषणा की थी। इसका नोटिफिकेशन गुरुवार को कृषि विभाग के पास पहुंच गया है। इस फसल बीमा योजना में खरीफ की कपास, धान, बाजरा, मक्का तथा रबी की गेंहू जौ, सरसों और चना को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। बीमा में सभी तरह के रिस्क कवर होंगे। आगजनी, बरसात, तूफान, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, बारिश के कारण बिजाई न हो पाना तथा कई प्राकृतिक आपदा शामिल हैं। यहां तक कि यह भी प्रावधान रखा गया है कि किसान फसल को काटने के बाद 14 दिन तक अपने खलिहान में रखता है। अगर वहां फसल नष्ट हो जाती है, उसका भी मुआवजा मिलेगा।
कितना देना होगा प्रीमियम:
किसानों को नरमा के लिए 387 रुपये प्रति एकड़ प्रीमियम किस्त अदा करनी होगी। इसके लिए 24 हजार रुपये का बीमा कवर होगा। धान के लिए 400 रुपये किस्त देनी होगी, जिसमें 25 हजार रुपये बीमा कवर होगा। बाजरे के लिए किसान को 220 रुपयेे और सरकार की ओर से इस पर 386 रुपये सब्सिडी मिलेगी। इंश्योरेंस कंपनी को 606 रुपये अदा किए जाएंगे।
इसमें 11 हजार रुपये का रिस्क कवर होगा। मक्का के लिए 200 रुपये का प्रीमियम जिसमें 10 हजार रुपये का रिस्क कवर होगा। गेहूं के लिए 330 रुपये प्रीमियम देना होगा, जिसमें 22 हजार रुपये का रिस्क कवर होगा। जौ के लिए 150 रुपये प्रीमियम लगेगा, जिसमें 10 हजार रुपये का रिस्क कवर होगा। सरसों के लिए 165 रुपये किसान और 55 रुपये सरकार देगी। इसमें 11 हजार रुपये का रिस्क कवर होगा। चना के लिए 150 रुपये किसान देगा 412 रुपये सरकार देगी, जिसमें 10 हजार रुपये का रिस्क कवर होगा।
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हर बैंक में सुविधा
किसान सभी बैंकों के माध्यम से बीमा करवा सकता है। जिस बैंक में किसान का खाता है, वहीं से फार्म मिलेगा। बैंक अपने आप वह फार्म आईसीआईसी लोम्हार्ड कंपनी को भेज देगा। जिस किसान ने बैंक से ऋण ले रखा है, उसकी प्रीमियम राशि खाते से कट जाएगी। इसके लिए बीमा करवाना अनिवार्य होगा।
नुकसान हो जाने की स्थिति में कंपनी, कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम नुकसान का आंकलन करेगी। अगर किसी विशेष क्षेत्र में अथवा विशेष प्रकोप से कोई फसल नष्ट होती है, तो उस स्थिति में एसडीएम कृषि उपनिदेशक, तहसीलदार की टीम एसेसमेंट कर लॉस तय करेगी।
बलवंत सिंह सहारण
कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद