विभिन्न मांगो को लेकर 1 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे एनएचएम के तहत लगे सूचना सहायकों ने अपनी हड़ताल वापिस ले ली है। इसके पीछे मिशन डायरेक्टर एनएचएम द्वारा हड़ताल पर जाने पर सेवाएं समाप्त करने की चेतावनी बताई जा रही है। इस संबध में बकायदा मिशन डायरेक्टर एनएचएम राजीव रत्न द्वारा प्रदेशभर के डिप्टी कमीश्नर को आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों में साफ तौर सूचना सहायकों के 1 जून से हड़ताल पर जाने पर जिला आईटी सोसायटी से आपरेटर का प्रबंध करने के लिए कहा गया है। हालांकि सूचना सहायक जिला प्रधान पवन का कहना है कि एमडी द्वारा दो महीने का आश्वासन मिलने पर हड़ताल वापिस ली गई है।
एनएचएम के तहत लगे सूचना सहायक 1 जून से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रहे थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का काम होना तो स्वभाविक ही था। मिशन डायरेक्टर एनएचएम राजीव रत्न ने सूचना सहायकों के हड़ताल पर जाने से पहले प्रदेशभर के उपायुक्त को पत्र जारी कर कहा कि सूचना सहायक वेतन बढ़ोतरी को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं जबकि इनका वेतन 7700 रुपये से बढ़कार 9900 रुपये किया जा चुका है। अब पेंडिग डिमांड को लेकर 1 जून से हड़ताल पर जा रहे हैं। उपायुक्त अपने स्तर पर 20 से 25 व्यक्ति जो पहले से डीआईटीएस में काम कर रहे हों उन्हें सूचना सहायकों की जगह पर भेज दिया जाए और उन्हें सेलरी एनएचएम के जरिए दी जाए और हड़ताल पर जाने वाले सूचना सहायकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएं।
सूचना सहायकों का कहना है कि इस मांगो के संबध में मंगलवार देर रात को मिटिंग हुई और एम.डी.ने आश्वासन दिया है कि दो महीने में मंागो को पूरा कर दिया जाएगा। जिसके बाद बुधवार को होने वाली सूचना सहायकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल रद्द हो गई। सूचना सहायक मांगो को लेकर एम.डी से मिले थे उन्होंने दो महीने का समय मांगा है और 5 जून को जाट आरक्षण भी शुरू हो रहा है जिसके चलते हड़ताल नहीं की जा रही है। बर्खास्त करने का पत्र सभी उपायुक्त को पहले ही जारी हो चुका है जबकि मांग उठाना उनका अधिकार है।
पवन कुमार, जिला प्रधान सूचना सहायक एनएचएम