रैली में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष तैयार करने की रणनीति बन सकती है। इसके लिए तीसरे मोर्चे की संभावना कम रहेगी लेकिन महागठबंधन बनाकर उसमें कांग्रेस को भी शामिल करवाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए रविवार को ही रैली के बाद दिल्ली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे।
रैली में अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने कहा कि अब कोई एनडीए नहीं है। शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल बादल, जद (यू) जैसे सहयोगियों ने लोकतंत्र को बचाने के लिए भाजपा को छोड़ दिया है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि देश में तीसरा नहीं बल्कि मुख्य गठबंधन बनेगा, जो भाजपा को हराएगा। सभी विपक्षी दलों को एक साथ मिलना होगा। कांग्रेस से भी हमने अनुरोध किया है। अगर सभी दल मुख्य गठबंधन में शामिल होकर साल 2024 में चुनाव लड़ेंगे तो भाजपा बुरी तरह हारेगी। केंद्र की भाजपा सरकार ने मीडिया सहित हर चीज पर नियंत्रण कर लिया है। समाज को हिंदू-मुस्लिम में बांटना चाहते हैं।
नीतीश कुमार ने कहा कि पिछले चुनावों के दौरान भाजपा हमारे उम्मीदवारों को हराने की कोशिश कर रही थी। केंद्र ने पिछड़े राज्य के लिए जो वादा किया था, वह नहीं हुआ। बिहार में आज सात पार्टियां एक साथ काम कर रही हैं। उनके पास 2024 का चुनाव जीतने का कोई मौका नहीं है।
नीतीश कुमार ने कहा कि हम सबको साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये तीसरा नहीं पहला मोर्चा है।
एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा कि किसानों ने एक साल तक दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन किया लेकिन सरकार ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया। किसानों से वादा किया गया था कि एमएसपी मुहैया कराया जाएगा लेकिन दिया नहीं गया। सरकार ने किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का वादा किया लेकिन पूरा नहीं किया।