फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से आय सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब फैमिली आईडी में दर्ज आय के सत्यापन की जिम्मेदारी क्रीड विभाग के बजाय ग्राम सभाओं को सौंपी गई है। इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
सितंबर माह में ग्राम सभाओं के माध्यम से चिन्हित परिवारों की जानकारी का सत्यापन कराया जाएगा। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार ग्राम स्तर पर परिवार पहचान पत्र में दर्ज आय से संबंधित जानकारी की जांच के साथ-साथ परिवार की वास्तविक स्थिति का भी सत्यापन किया जाएगा।
इसके लिए पांच प्रमुख बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इनमें परिवार की संरचना, अंत्योदय अन्न योजना के तहत मिलने वाले लाभ, परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम होना, कच्ची छत वाले मकान की स्थिति और परिवार के सदस्यों का व्यवसाय शामिल है।
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ग्राम स्तर पर होगा आय सत्यापन का काम
आय सत्यापन के दौरान ग्राम स्तर पर इन सभी बिंदुओं से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद मौके पर प्राप्त जानकारी का परिवार पहचान पत्र में दर्ज रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। यदि किसी परिवार की वास्तविक स्थिति और फैमिली आईडी में दर्ज जानकारी में अंतर पाया जाता है तो रिकॉर्ड को नियमानुसार अपडेट किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया की निगरानी के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी), जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), राजपत्रित अधिकारियों, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सीआरआईडी) के अधिकारियों और ग्राम सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है।
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गलत जानकारी मिलने पर हो सकती है कार्रवाई
फैमिली आईडी में आय और परिवार की वास्तविक स्थिति के सत्यापन के बाद गलत जानकारी के आधार पर बनाए गए राशन कार्डों की भी जांच हो सकती है। विशेष रूप से ऐसे परिवारों की पहचान की जा सकती है, जिनकी वास्तविक वार्षिक आय निर्धारित सीमा से अधिक है लेकिन परिवार पहचान पत्र में आय कम दर्शाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है। इसी प्रकार गलत तथ्यों के आधार पर बनाए गए गुलाबी राशन कार्ड और अन्य पात्रता आधारित कार्डों की भी जांच की जा सकती है। सत्यापन के दौरान यदि किसी परिवार की जानकारी गलत पाई जाती है तो संबंधित रिकॉर्ड को सही करने के साथ अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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:: ग्राम सभाओं के माध्यम से होने वाले इस सत्यापन का मुख्य उद्देश्य परिवार पहचान पत्र में दर्ज आंकड़ों को वास्तविक स्थिति के अनुरूप अपडेट करना है। इससे पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलने के साथ-साथ गलत जानकारी के आधार पर लिए जा रहे लाभ पर रोक लगाने में भी सहायता मिलेगी।
- डॉ. विवेक भारती, उपायुक्त, फतेहाबाद।