फतेहाबाद। पहली बार जिला प्रशासन ने जनसंवाद कार्यक्रम के तहत गांव का रुख किया। वीरवार को शहर के साथ लगते गांव भोड़ियाखेड़ा के पंचायत घर में समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान डीसी राहुल नरवाल व एसपी आस्था मोदी ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। ज्यादातर समस्याएं परिवार पहचान पत्र संबंधी रही। डीसी के सामने दिव्यांग दंपती ने पीपीपी में आय बढ़ने की शिकायत रखते हुए समाधान की मांग की।
दिव्यांग पवन कुमार ने कहा कि वह और उसकी पत्नी मोनिका दोनों दिव्यांग हैं। हमारी आय का पेंशन के अलावा कोई अन्य साधन नहीं है। फिर भी पीपीपी में परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये दर्शाई गई है। इससे उनका नाम बीपीएल सूची से हट गया है। न राशन मिल रहा है और न ही अन्य योजना का लाभ मिल पा रहा है। कई बार एडीसी ऑफिस गया हूं, लेकिन पीपीपी में आय कम नहीं हुई है। इस पर डीसी ने प्रार्थना पत्र लिखवा कर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को दिलवाई और समाधान के निर्देश दिए। दरअसल, लघु सचिवालय में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक समाधान शिविर में डीसी व अन्य अधिकारियों ने जनसमस्याएं सुनी। इसके बाद प्रशासनिक अमला गांव भोड़ियाखेड़ा के पंचायत घर पहुंचा। सुबह 11:35 बजे शुरू हुआ जनसंवाद कार्यक्रम 40 मिनट बाद दोपहर 12:15 पर संपन्न हो गया। हालांकि, बारिश के कारण शिकायतकर्ताओं की संख्या भी ज्यादा नहीं रही। सिर्फ 20 से 30 लोग ही शिकायतें लेकर आए।
ग्राम पंचायत ने भी रखी समस्याएं
मंच पर तीन ही लोगों के बैठने की व्यवस्था रही, डीसी राहुल नरवाल व एसपी आस्था मोदी के साथ सरपंच कौशल्या देवी बैठीं। बाकी अफसर एडीसी राहुल मोदी, जिला परिषद के सीईओ सुरेश कुमार, कृषि उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग, डीडीपीओ रविंद्र दलाल, बीडीपीओ अनिल बिश्नोई आदि नीचे मंच के दाएं तरफ बैठे। जिला परिषद के सदस्य बंटी गढ़वाल व सरपंच प्रतिनिधि अनिल गढ़वाल लोगों के बीच खड़े होकर शिकायतें रखवाते रहे। इस दौरान ग्राम पंचायत भोड़ियाखेड़ा द्वारा गांव के हनुमान मंदिर परिसर में स्थापित ट्रांसफार्मर को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने, पार्क में ओपन जिम लगवाने, श्मशान भूमि की चहारदीवारी बनवाने, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में गेट बनवाने, राजकीय उच्च विद्यालय के ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन को स्थानांतरित करने, बीघड़ रोड पर अनुसूचित जाति चौपाल में संचालित तीन आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत करवाने की मांग रखी।
किसी ने आयुष्मान कार्ड तो किसी ने पेंशन बनवाने का किया आग्रह
डीसी राहुल नरवाल के समक्ष ग्रामीण सतबीर ने आयुष्मान कार्ड बनवाने, रविंद्र कुमार ने पीपीपी में नाम ठीक करवाने, बलवान सिंह ने पीपीपी में कंस्ट्रक्शन वर्कर का नाम दर्ज करवाने, जगदीश कुमार, विद्या देवी, राम सिंह, शेर सिंह, ओम प्रकाश, आशा देवी, महावीर सिंह आदि ने बुढ़ापा पेंशन बनवाने की मांग रखी। विनोद कुमार ने मांग रखी कि वह कैंसर से पीड़ित हैं, इलाज पर काफी खर्च आ चुका है। इसलिए आर्थिक सहायता दिलवाई जाए। उषा देवी ने पीपीपी में आय ठीक करवाने, ओमप्रकाश ने पीपीपी आईडी अलग बनवाने, सुनील कुमार, पवन, सोमनाथ, देवीलाल ने पीपीपी में आय ठीक करवाने की मांग रखी। ग्रामीण राजेश कुमार ने पीला कार्ड बनवाने, संतोष रानी ने मकान बनवाने, कृष्णा ने दिव्यांगता होने पर ई-रिक्शा दिलवाने का आग्रह किया। इस मौके पर कमल नंबरदार, ब्लॉक समिति प्रतिनिधि हनुमान, सरपंच प्रतिनिधि अनिल गढ़वाल आदि मौजूद रहे।
कोट
मेरे सारे कागजात पूरे होने के बाद भी मेरी बुढ़ापा पेंशन लागू नहीं हो पा रही है। मेरी आयु सभी कागजातों में 64 वर्ष है। मैं पिछले साढ़े तीन सालों से जिला समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहा हूं। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी मुझे हर बार यही बोलते हैं कि आपका नाम पेंशन पात्रों की सूची में नहीं आया है।
जगदीश, निवासी, गांव भोड़ियाखेड़ा
कोट
मेरी सात वर्षीय बेटी तमन्ना को जन्म के समय से ही आंखों में कालामोतिया रोग है। मैंने अभी तक 17 ऑपरेशन करवा दिए हैं। गांव में मजदूरी करता हूं। बेटी के इलाज में मेरे 10 लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए हैं। अब आर्थिक हालात खराब हो चुकी है। प्रशासन से बेटी की मासिक पेंशन की मांग की है।
विनोद कुमार, निवासी, गांव भोड़ियाखेड़ा
कोट
मेरी अभी तक एक बार भी किसान सम्मान निधि योजना की राशि नहीं आई है। न ही मेरा साल 2023 का फसल बीमा आया है। मैं अविवाहित हूं, फिर भी विधुर पेंशन योजना के तहत मिलने वाली पेंशन लागू नहीं हो सकी है। मैं दफ्तरों के चक्कर लगा रहा हूं। डीसी को समस्या बताई है।
अशोक कुमार, निवासी, गांव भोड़ियाखेड़ा
वर्जन
लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटान कर उनको सरकार की योजनाओं का लाभ देना जनसंवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। विभाग नागरिकों को सरकार की योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को योजनाओं के साथ जोड़ना चाहती है।
-राहुल नरवाल, डीसी, फतेहाबाद